
पटना: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को कंकड़बाग इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट के दो फ्लैटों में 10 घंटे से अधिक समय तक छापेमारी की। इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण दस्तावेज, लाखों रुपये की नकदी और जेवरात मिलने की सूचना है। हालांकि, इन बरामदगियों की आधिकारिक पुष्टि अभी राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से नहीं की गई है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने कंकड़बाग मेन रोड स्थित साईं कुसुम इनफिनिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1206 और 609 में तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक दोनों फ्लैट संदीप कुमार के नाम पर हैं। कार्रवाई के दौरान दोनों फ्लैट बंद मिले, जिसके बाद जांच टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। मौके पर बिहार विशेष कार्य बल और स्थानीय पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
आरोपी को साथ लेकर पहुंची थी जांच टीम
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की दिल्ली से आई आठ सदस्यीय टीम संदीप कुमार को भी अपने साथ लेकर पहुंची थी। हाल ही में इस मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई थी। उसकी निशानदेही पर पटना के इन दोनों फ्लैटों में तलाशी की गई।
इससे पहले सोमवार देर रात भी जांच टीम इन फ्लैटों की जांच के लिए पहुंची थी। हालांकि, उस समय फ्लैटों पर ताला लगा था और आरोपी भी वहां मौजूद नहीं था। इसके चलते टीम को वापस लौटना पड़ा था।
क्या है रांची RSS कार्यालय पर हमले का मामला
16 जून 2026 को रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस के प्रदेश कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एक जुलाई 2026 को इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने हाथ में ली थी। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले में शामिल आरोपियों को स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने पनाह दी, वाहन उपलब्ध कराए और आर्थिक मदद पहुंचाई।
रांची पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में पहले भी कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के शुरुआती तथ्यों के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई थी।
दुबई में साजिश रचने का सामने आया था दावा
जांच से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के हवाले से पहले यह दावा सामने आया था कि आरएसएस कार्यालय पर हमले की साजिश दुबई में रची गई थी, जबकि इसे रांची में अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से एक दुबई में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात राना हुसैन उर्फ राना जी और शाहबाज आलम उर्फ भट्टी से हुई थी।
जांच में दोनों के टीटीएच से जुड़े होने की बात सामने आने का दावा किया गया था। सूत्रों के अनुसार दुबई में ही आरोपी को रांची स्थित आरएसएस के प्रदेश कार्यालय को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था। इसके बाद तीनों आरोपियों ने हमले की तैयारी शुरू की और पेट्रोल बम तैयार कर कार्यालय पर हमला किया।



