मध्य प्रदेशराज्य

एमपी में यात्री परिवहन को मिलेगा नया विजन, CM मोहन यादव 11 सितंबर को करेंगे समिट का शुभारंभ

इंदौर: मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करेंगे। समिट में निजी बस ऑपरेटरों, नीति-निर्माताओं, परिवहन विशेषज्ञों, देशभर के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इस दौरान मध्यप्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर मंथन होगा। विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि अपनी रणनीति व सुझाव साझा करेंगे। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल भी समिट में मौजूद रहेंगे।

समिट का मुख्य केंद्र ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ रहेगी। ‘नई सोच, नई राह, नया मध्यप्रदेश’ की सोच के साथ आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से जन-निजी भागीदारी मॉडल, आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री करेंगे इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो का भी उद्घाटन करेंगे। इसमें बस निर्माता कंपनियां, आईटी कंपनियां, वित्तीय संस्थान और परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योग अपने तकनीकी समाधान और नवाचार प्रदर्शित करेंगे। प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगम भी अपनी गतिविधियों की जानकारी देंगे। इससे परिवहन क्षेत्र में निवेश, तकनीक और नई साझेदारियों की संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

समिट के दौरान ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा तैयार की गई स्मारिका का विमोचन होगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की संरचना और भविष्य की योजनाओं पर आधारित विशेष पुस्तिका भी जारी की जाएगी।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के जरिए चुने गए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री करेंगे। परिवहन क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी समाधान विकसित करने वाले मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन की शुरुआत भी इसी दौरान होगी।

देशभर के विशेषज्ञ और परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधि होंगे शामिल

समिट में देश के अलग-अलग हिस्सों से परिवहन विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस संचालक, राज्य परिवहन उपक्रमों और आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। आठ अलग-अलग सत्रों में सार्वजनिक यात्री परिवहन को सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और प्रदूषणमुक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।

इन सत्रों में मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत जन-निजी भागीदारी से निवेश, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने, बस संचालन को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने, यात्री सुरक्षा, हरित परिवहन, स्वच्छ ईंधन, एकीकृत टिकटिंग और स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा।

कई प्रमुख कंपनियां और संस्थान लेंगी हिस्सा

समिट में ईकेए मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, ग्रीनसेल मोबिलिटी, वोल्वो-आयशर प्राइवेट लिमिटेड, स्विच मोबिलिटी, एयरो ईगल ऑटोमोबाइल, यश टेक्नोलॉजीज, रैपिडो, चलो मोबिलिटी, एमनेक्स इन्फोटेक्नोलॉजीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एसबीआई और थिंक गैस जैसी प्रमुख कंपनियां भाग लेंगी।

इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थानों, विचार समूहों और परामर्श एजेंसियों से जुड़े परिवहन विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें डब्ल्यूआरआई इंडिया, बीआईटीएस पिलानी, सीईपीटी अहमदाबाद, केपीएमजी और डीआईएमटीएस प्रमुख हैं।

पहला सत्र: मोबिलिटी विजन-2030 और सार्वजनिक-निजी भागीदारी

पहले सत्र में मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत बस संचालन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। राज्य के बड़े भौगोलिक विस्तार और तेजी से विकसित हो रहे शहरी केंद्रों को ध्यान में रखते हुए बस सेवाओं और परिवहन प्रबंधन प्रणाली में निजी भागीदारी के जरिए सेवा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के उपायों पर विचार होगा।

दूसरा सत्र: भविष्य की परिवहन सुविधाओं के लिए निवेश

दूसरे सत्र में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप यात्री परिवहन ढांचे को तैयार करने पर चर्चा होगी। बस टर्मिनल, बहु-माध्यम परिवहन केंद्र, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाओं में जन-निजी भागीदारी के जरिए निवेश आकर्षित करने पर मंथन होगा। इसके साथ ही नए वित्तीय मॉडल, नीतिगत सहयोग और जोखिम साझा करने की व्यवस्था पर भी चर्चा की जाएगी।

तीसरा सत्र: बस संचालन को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

तीसरे सत्र में सार्वजनिक बस संचालन को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर विचार होगा। केवल यात्री किराए पर निर्भरता कम करने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और किराए के अलावा विज्ञापन, खुदरा कारोबार, लॉजिस्टिक्स तथा नामकरण अधिकार से आय बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा की जाएगी। प्रदर्शन आधारित अनुबंधों पर भी विचार होगा।

चौथा सत्र: रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर चर्चा

चौथे सत्र में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का परिवहन क्षेत्र में प्रभावी उपयोग करने पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जरिए परिवहन संचालकों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, महिला उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को सशक्त बनाने के उपायों पर मंथन होगा।

पांचवां सत्र: यात्री सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान

पांचवें सत्र में सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्री सुविधाओं को लेकर चर्चा होगी। सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था, वाहनों के नियमित रखरखाव, वास्तविक समय पर यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।

छठा सत्र: डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तय होंगे बस मार्ग

छठे सत्र में डेटा के आधार पर शहरों के भीतर और शहरों के बीच बस मार्गों तथा संचालन की योजना बनाने पर विचार होगा। राज्यव्यापी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वास्तविक समय के आंकड़ों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण के जरिए बस मार्गों को बेहतर बनाने और समय-सारिणी तैयार करने के तरीकों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

सातवां सत्र: हरित परिवहन और स्वच्छ ईंधन पर मंथन

सातवें सत्र में हरित मोबिलिटी के तहत स्वच्छ ईंधन और भविष्य के लिए तैयार बस बेड़े पर चर्चा होगी। इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों के साथ चार्जिंग और ईंधन भरने के ढांचे, हरित डिपो तथा उन्नत चालक सहायता प्रणाली से जुड़े तकनीकी और बुनियादी ढांचे के पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

आठवां सत्र: एकीकृत टिकटिंग से यात्रियों को मिलेगी निर्बाध सुविधा

आठवें सत्र का विषय ‘एक राज्य, एक यात्रा’ रखा गया है। इसमें एकीकृत टिकटिंग और स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली के जरिए यात्रियों को बेहतर और निर्बाध यात्रा अनुभव देने पर चर्चा होगी। राष्ट्रीय साझा मोबिलिटी कार्ड, स्वचालित किराया संग्रह, ओपन-लूप भुगतान प्रणाली और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस मंच जैसे विकल्पों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

समिट में होने वाले विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर मध्यप्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को तकनीक आधारित, सुरक्षित, सुविधाजनक और टिकाऊ बनाने के लिए आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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