पितृपक्ष मेले में पिंडदान के लिए 5 खास पैकेज, ऑनलाइन भी करा सकेंगे बुकिंग; ई-पिंडदान की फीस 23 हजार रुपये

पटना: पितृपक्ष मेला-2026 में देश-विदेश से गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पिंडदान और ई-पिंडदान की विशेष सुविधा शुरू की गई है। पर्यटन विभाग के निर्देश पर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने पिंडदान पर्यटन के लिए पांच अलग-अलग पैकेज जारी किए हैं। ये पैकेज 25 सितंबर से 10 अक्तूबर तक प्रभावी रहेंगे। इनके तहत श्रद्धालुओं को पिंडदान अनुष्ठान के साथ धार्मिक स्थलों के दर्शन, परिवहन, ठहरने, भोजन, पंडा-पुजारी की सेवाएं और जरूरी पूजन सामग्री की सुविधा एक साथ दी जाएगी।
श्रद्धालु अपनी यात्रा की अवधि, सुविधा और बजट के अनुसार एक-दिवसीय या एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेज चुन सकते हैं। पैकेज की ऑनलाइन बुकिंग बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है। बुकिंग और अन्य जानकारी के लिए 8544418408 और 8294307690 पर संपर्क किया जा सकता है।
पांच तरह के पिंडदान पैकेज
पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पांच अलग-अलग पैकेज उपलब्ध कराए गए हैं।
- पैकेज-ए: पटना-पुनपुन घाट-गयाजी-पटना
- पैकेज-बी: पटना-पुनपुन घाट-गयाजी-नालंदा-राजगीर-पटना
- पैकेज-सी: गयाजी एक-दिवसीय पिंडदान पैकेज
- पैकेज-डी: गयाजी एक रात्रि-दो दिवसीय पिंडदान पैकेज
- पैकेज-ई: गयाजी-राजगीर-नालंदा एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेज
गयाजी नहीं पहुंच पाने वालों के लिए ई-पिंडदान
जो श्रद्धालु किसी वजह से गयाजी पहुंचकर पिंडदान नहीं कर सकते, उनके लिए ऑनलाइन ई-पिंडदान पैकेज की सुविधा भी दी गई है। इसकी कुल कीमत जीएसटी सहित 23 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
ई-पिंडदान पैकेज में विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट और फल्गु नदी पर पिंडदान या तर्पण की व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा पंडित-पुरोहित की सेवाएं, पूजन सामग्री, दक्षिणा और पूरे अनुष्ठान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी पैकेज का हिस्सा है। अनुष्ठान की वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव के जरिए श्रद्धालु को उपलब्ध कराई जाएगी।
पिंडदानियों को परेशानी न हो, अधिकारियों को निर्देश
पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों को लेकर सोमवार को गयाजी जिला परिषद सभागार में प्रभारी मंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीएम शशांक शुभंकर, एसएसपी सुशील कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मेले की तैयारियों और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। बेहतर प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को पांच जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है और प्रत्येक जोन व सेक्टर की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
तीन पालियों में होगी सफाई, 39,500 मानवबल की तैयारी
मेले के दौरान साफ-सफाई के लिए तीन पालियों में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कराने की तैयारी है। इसके लिए करीब 39,500 मानवबल की जरूरत के अनुसार एजेंसी चयन की निविदा प्रकाशित की जा चुकी है। फल्गु नदी की सफाई के लिए ट्रैश क्लीनिंग बोट का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि नौ तालाबों की भी विशेष सफाई कराई जाएगी।
घाट, सीढ़ियों और वेदी स्थलों की सफाई पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। वेदी, घाट, आवासन, पार्किंग समेत प्रमुख स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वाटर एटीएम और टैंकर लगाए जाएंगे। मंत्री ने पानी की गुणवत्ता की लगातार प्रयोगशाला जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बोतलबंद पानी की भी जांच की जाएगी।



