इंडिगो से सफर हुआ महंगा, शिशु यात्रा शुल्क में 50% बढ़ोतरी; एक्स्ट्रा बैगेज समेत कई सेवाओं की फीस बढ़ी

नई दिल्ली: इंडिगो से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को अब कुछ अतिरिक्त सेवाओं के लिए पहले से ज्यादा रकम चुकानी होगी। एयरलाइन ने शिशु के साथ यात्रा, बिना वयस्क के बच्चों की यात्रा, अतिरिक्त सामान, प्राथमिकता चेक-इन और बोर्डिंग समेत कई सेवाओं की फीस बढ़ा दी है। फीस में बदलाव के बाद इन सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों का कुल यात्रा खर्च बढ़ सकता है।
शिशु यात्रा शुल्क ₹2,000 से बढ़कर ₹3,000
इंडिगो ने शिशु यात्रा शुल्क में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। पहले इसके लिए ₹2,000 चुकाने पड़ते थे, जो अब बढ़कर ₹3,000 हो गए हैं। यह शुल्क उन शिशुओं पर लागू होता है जिनकी उम्र यात्रा के दिन तीन दिन से अधिक और दो साल से कम होती है।
शिशुओं के लिए अलग सीट उपलब्ध नहीं होती और उन्हें वयस्क यात्री की गोद में यात्रा करनी होती है। चेक-इन के दौरान बच्चे की उम्र साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट जैसे वैध दस्तावेज दिखाना जरूरी है। आयु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराने पर एयरलाइन के अनुसार बच्चे के लिए पूरा किराया देना होगा।
बिना वयस्क यात्रा करने वाले बच्चों की फीस भी बढ़ी
अकेले यात्रा करने वाले बच्चों यानी अकम्पनाइड माइनर के लिए भी शुल्क बढ़ाया गया है। यह फीस ₹5,000 से बढ़कर ₹5,999 हो गई है।
एयरलाइन के नियमों के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चे इस सेवा का लाभ नहीं ले सकते और उन्हें 18 साल से अधिक उम्र के किसी व्यक्ति के साथ यात्रा करनी होगी। 5 से 12 साल की उम्र के बच्चे सभी उड़ानों में इस सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, 13 से 18 साल की उम्र के बच्चे अकेले यात्रा कर सकते हैं या इस सेवा का विकल्प चुन सकते हैं।
घरेलू उड़ान के लिए ऐसे बच्चों को कम से कम दो घंटे पहले और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए चार घंटे पहले हवाई अड्डे पर रिपोर्ट करना होता है। माता-पिता या अभिभावक को चेक-इन के समय एक फॉर्म भी जमा करना होता है, जिसमें गंतव्य पर बच्चे को लेने वाले वयस्क की जानकारी देनी होती है।
अतिरिक्त सामान के लिए अब ₹800 प्रति किलो
घरेलू उड़ानों में निर्धारित सीमा से ज्यादा सामान ले जाने पर भी शुल्क बढ़ा दिया गया है। अतिरिक्त सामान के लिए पहले प्रति किलोग्राम ₹700 शुल्क था, जिसे बढ़ाकर ₹800 प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।
प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग शुल्क बढ़ा
प्रायोरिटी चेक-इन और प्रायोरिटी बोर्डिंग के संयुक्त शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले इसके लिए ₹450 देने होते थे, जो अब बढ़कर ₹650 हो गए हैं। इसके अलावा ट्रैवल सर्टिफिकेट की फीस ₹200 से बढ़ाकर ₹300 कर दी गई है।
इन शुल्कों में बढ़ोतरी का असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो शिशु के साथ यात्रा कर रहे हैं, बच्चे को अकेले भेज रहे हैं या अतिरिक्त सामान और अन्य अतिरिक्त सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।



