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बिहार बाढ़ राहत के लिए जेडीयू का बड़ा ऐलान, विधायक और मंत्री देंगे एक महीने की सैलरी; 17 जिलों की 1050 सड़कें प्रभावित

पटना: बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक और सरकार में शामिल मंत्री अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। जेडीयू विधायक दल के नेता और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। बिहार में जारी बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और कई इलाकों में जान-माल के नुकसान की स्थिति बनी हुई है।

श्रवण कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को इस समय सहायता की जरूरत है। उन्होंने पार्टी के सभी विधायकों से एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का अनुरोध किया है। उनके मुताबिक, यह राशि बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

HAM ने भी राहत कोष में दिए 11 लाख रुपये

बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये का योगदान दिया है। पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों ने भी अपना एक-एक महीने का वेतन राहत कोष में देने की बात कही है।

रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लोक सेवक आवास में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और उन्हें 11 लाख रुपये का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने पार्टी के सहयोग के लिए आभार जताया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी दे चुके हैं एक महीने का वेतन

इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक महीने का वेतन दिया है। 19 सितंबर को उन्होंने 2.70 लाख रुपये का चेक राहत कोष में जमा किया था। वहीं, कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने भी एक महीने के वेतन के बराबर राशि राहत कोष में देने की पहल की है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी तीन महीने की सैलरी राहत कोष में देने का ऐलान किया था। बिहार भाजपा की ओर से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये दिए गए हैं।

बाढ़ से 17 जिलों की 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें प्रभावित

बिहार में बाढ़ का असर सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 17 जिलों की 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 2 हजार किलोमीटर बताई गई है। ग्रामीण कार्य विभाग को मिली शुरुआती जानकारी में बड़ी संख्या में सड़कों के पानी में डूबने की बात सामने आई है। सड़क मरम्मत पर करीब 1 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है।

रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर में 151 और पटना में 140 ग्रामीण सड़कें पानी में डूबी हैं। पटना जिले में अकेले दानापुर की 44 सड़कें प्रभावित हैं। इसके अलावा भोजपुर की 134, सारण की 101, समस्तीपुर की 86, वैशाली की 82, कटिहार की 60, लखीसराय की 54, बेगूसराय की 49, मुंगेर की 48, खगड़िया की 36, अरवल की 21, सहरसा की 20, मधेपुरा की 18, पूर्णिया की 18, पश्चिम चंपारण की 16 और अररिया की 10 सड़कें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं।

बिहार में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार में इस साल की बाढ़ से करीब 50 लाख लोग प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। केंद्र सरकार की टीम ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है और राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

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