
नई दिल्ली: महिलाओं में होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बड़ी संख्या में सामने आते हैं। कई बार बीमारी गंभीर होने पर सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है और कुछ मामलों में दोनों स्तनों को हटाने तक की स्थिति बन जाती है। बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों को भी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम से जुड़े कारकों में माना जाता है। ऐसे में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर इसके खतरे को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
अपनी फैमिली हिस्ट्री जरूर जानें
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए सबसे पहले अपने परिवार की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जरूर रखें। परिवार में अगर किसी करीबी रिश्तेदार को ब्रेस्ट कैंसर या अन्य कैंसर रहा है तो डॉक्टर को इसकी जानकारी देना जरूरी है। पारिवारिक इतिहास होने पर कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए परिवार में पहले रहे कैंसर के मामलों की जानकारी रखना डरने के लिए नहीं, बल्कि समय रहते सावधानी बरतने के लिए जरूरी है।
बढ़ते वजन पर रखें नजर
मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ना और शरीर में अतिरिक्त वसा जमा होना ब्रेस्ट कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हो सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने वजन और दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए।
नियमित शारीरिक गतिविधि करने और संतुलित खान-पान अपनाने से स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत से बचना और रोजाना शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करना भी जरूरी है।
स्मोकिंग और शराब से बनाएं दूरी
धूम्रपान सेहत के लिए नुकसानदायक है और महिलाओं को भी इससे बचना चाहिए। इसके अलावा शराब का सेवन भी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल है। इसलिए इन आदतों से दूरी बनाना स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद हो सकता है।
धूम्रपान या शराब छोड़ने का संबंध केवल महिला या पुरुष होने से नहीं, बल्कि इनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों से है।
डाइट में फाइबर को दें जगह
रोजाना के खान-पान में फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना भी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है। इसके लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों जैसी चीजों को भोजन में शामिल किया जा सकता है।
साथ ही सोने और जागने का समय नियमित रखने, संतुलित भोजन करने और सक्रिय जीवनशैली अपनाने पर ध्यान देना चाहिए। ध्यान रखें कि किसी एक खाद्य पदार्थ या घरेलू उपाय से ब्रेस्ट कैंसर को पूरी तरह रोकने का दावा नहीं किया जा सकता।



