
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश कोटे की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा इन सीटों के लिए प्रत्याशियों के चयन में इस बार कई नए चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है। पार्टी के भीतर यूपी कोटे से राज्यसभा भेजे जाने वाले नेताओं के नामों पर मंथन चल रहा है। इनमें भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। इनमें आठ सीटों पर भाजपा, जबकि एक-एक सीट पर सपा और बसपा के सदस्य हैं। मौजूदा विधानसभा के संख्या बल को देखते हुए इस बार राज्यसभा की सीटों का बंटवारा भाजपा और सपा के बीच होने की संभावना है। बसपा के एकमात्र राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी का उच्च सदन में प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा। यूपी से भाजपा के मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी भी शामिल हैं।
कई मौजूदा सदस्यों की जगह नए चेहरों पर नजर
भाजपा गीता शाक्य और सीमा द्विवेदी की जगह भी नए चेहरों को राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है। गीता शाक्य की जगह उनके सजातीय ममतेश शाक्य समेत कई नाम चर्चा में हैं। ओबीसी वर्ग से भाजपा के प्रदेश ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल का नाम भी दावेदारों में बताया जा रहा है। वहीं, दलित वर्ग से विद्यासागर की दावेदारी की चर्चा है। पार्टी प्रत्याशी चयन में सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रख रही है।
स्मृति ईरानी के नाम की चर्चा
पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद 11 सितंबर को राज्यसभा से इस्तीफा देने के कारण एक सीट खाली हुई है। इस सीट के लिए भाजपा ब्राह्मण चेहरे के तौर पर हरीश द्विवेदी पर दांव लगा सकती है। पार्टी में बीते कुछ समय से हरीश द्विवेदी की भूमिका भी बढ़ी है।
वहीं, यूपी से राज्यसभा भेजे जाने वाले संभावित चेहरों में स्मृति ईरानी का नाम प्रमुखता से सामने आया है। भाजपा उन्हें संगठन से लेकर संसद तक महत्वपूर्ण भूमिका दे सकती है। राज्यसभा में उनकी वापसी से महिला प्रतिनिधित्व के समीकरण को भी साधा जा सकता है।
यदि बीएल वर्मा को दोबारा मौका नहीं मिलता है तो राज्यसभा के संभावित उम्मीदवारों की सूची में राजवीर सिंह राजू का नाम भी शामिल हो सकता है।
उम्मीदवारों पर जल्द फैसला संभव
भाजपा जल्द ही राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए बैठक कर सकती है। शुक्रवार को पार्टी की बैठक के बारे में पूछे जाने पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई से कहा कि अभी ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है। पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा कि इस संबंध में जल्द फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कैडर आधारित पार्टी है और सभी प्रमुख नेताओं से विचार-विमर्श के बाद उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
विधानसभा में भाजपा गठबंधन के पास 288 विधायक
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा गठबंधन के पास सबसे अधिक विधायक हैं। आगरा की फतेहाबाद सीट से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 255, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक शामिल हैं।
वहीं, सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास करीब 103 विधायक हैं। इनमें सपा के 101 विधायक शामिल हैं। इसके अलावा जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो और तीन निर्दलीय विधायक हैं। इन तीन निर्दलीय विधायकों में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री मनोज कुमार पांडेय भी शामिल हैं। ये तीनों विधायक सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते थे।



