बिहारराज्य

सिविल सर्जन ने पांच डायरिया चैम्पियन को किया सम्मानित

‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की समीक्षा बैठक

दरभंगा : सिविल सर्जन डॉ.अरुण कुमार की अध्यक्षता में हुई “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में कार्यक्रम की उपलब्धियों एवं चुनौतियों पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई। इसके साथ ही सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ए.के. मिश्रा द्वारा ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत डायरिया के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित पांच अधिकारियों/कर्मियों को ‘डायरिया चैंपियन’ अवार्ड से सम्मानित किया गया एवं जनसमुदाय के प्रति किये गए कार्यो के लिए प्रशंसा की गयी। ‘डायरिया चैंपियन’ अवार्ड से सम्मानित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी गौरा बौराम डॉ.अशोक कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी हनुमाननगर डॉ.राम प्रवेश चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी,शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, खाजासराय डॉ.शायमा आफरीन, आशा सदर प्रखंड सुनीता कुमारी एवं आशा खाजासराय गीता कुमारी ने इस सम्मान के लिए सिविल सर्जन का आभार व्यक्त किया।

ज्ञात हो कि स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू मार्च 2025 से जिला में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के तहत डायरिया रोकथाम और नियन्त्रण में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ अरुण कुमार ने बताया कि शून्य से पांच साल तक के बच्चों को दिन भर में तीन या तीन से अधिक बार दस्त हो तो समझना चाहिए कि बच्चा डायरिया से ग्रसित है और ऐसे में उसको तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। दस्त होने पर बच्चों को उम्र के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली अवश्य दी जाए, स्वच्छ पेयजल का उपयोग किया जाए और खाना बनाने से पूर्व, परोसने से पूर्व और खाना खिलाने से पूर्व और बच्चों का मल साफ़ करने के बाद हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह से अवश्य धुलें। सिविल सर्जन ने इस मौके पर सभी प्रभारी चिकत्सा पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि समय पर बच्चों में डायरिया की पहचान, उचित प्रबंधन, गंभीर होने की स्थिति में उच्च संस्थानों में रेफर के साथ साथ फील्ड एवं ओपीडी में आये सभी डायरिया मरीजों का एचएमआईएस (HMIS) पोर्टल पर रिपोर्टिंग कराना सुनिश्चित करें।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ए.के. मिश्रा ने बताया कि जिला में स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से जन समुदाय में डायरिया के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला के चिन्हित प्रखंडो एवं गांवों में प्रचार वाहन चलाया गया। इस कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर बनाए गए हैं, दीवार लेखन के जरिए भी लोगों को डायरिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है। फ्रंट लाइन वर्कर का डायरिया के बारे में अभिमुखीकरण भी किया गया है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए ओआरएस एवं जिंक का वितरण किया जाएगा। वितरण की दैनिक प्रगति एवं लाभार्थियों का विवरण स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज किया जाएगा, जिससे अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस मौके पर नियमित टीकाकरण पर जोर देते हुए सभी चिकित्सा पदाधिकारियों से जिले में विभिन्न प्रखंडों का कवरेज साझा किया गया। दस्त के लिए दिए जाने वाले रोटा वायरस टीका एवं उसके कवरेज पर भी चर्चा हुई।

पीएसआई इंडिया के संजय तरुण द्वारा इस कार्यक्रम के तहत जिला में अभी तक किए गए फ्रंट लाइन वर्कर का अभिमुखीकरण, विद्यालयों में आयोजित पोस्टर एवं क्विज प्रतीयोगिता, विश्व ओआरए दिवस के आयोजन के साथ-साथ डायरिया प्रचार वाहनों के द्वारा 25 दिनों तक निर्धारित प्लान के अनुसार भ्रमण किया गया तथा हाई रिस्क प्रखंडों सहित शहरी क्षेत्रों का भ्रमण कर विभिन्न प्रकार के प्रचार प्रसार सामग्री एवं जिंगल के द्वारा जागरूकता बढ़ाने में सहयोग किया गया। डायरिया प्रचार वाहनों ने 480 आशा कार्यकर्ताओं के क्षेत्रों के साथ, स्कूल,बड़े मंदिर एवं हाई रिस्क एरिया का भी भ्रमण किया। इस मौके पर जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ.सतेंद्र कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक प्रभात कुमार राजू, श्रीकांत शरण, वंदना राज, अखिलेश कुमार सहित जिला स्वास्थ्य समिति और जिला प्रतिरक्षण कार्यालय से भास्कर निषाद, प्रखंडों से आए चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

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