
नई दिल्ली: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से अभी नए अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन कई वरिष्ठ नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आ रहे हैं।
विजय इंदर सिंगला का नाम चर्चा में आगे
नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। उनके अलावा जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम की भी चर्चा है। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान की ओर से अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली थी। उस समय राज्य में पार्टी संगठन अंदरूनी मतभेदों और चुनावी चुनौतियों से जूझ रहा था। बीते कुछ महीनों में कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं के बीच मतभेद भी चर्चा में रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी के एक धड़े में वडिंग के नेतृत्व को लेकर असहमति थी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े नेताओं की ओर से भी संगठन में बदलाव की मांग उठती रही।
सचिन पायलट के प्रभारी बनने के बाद तेज हुई संगठन की समीक्षा
कांग्रेस ने सितंबर में सचिन पायलट को पंजाब मामलों का प्रभारी नियुक्त किया था। इसके बाद पायलट ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बातचीत कर संगठन की स्थिति का जायजा लिया। रिपोर्टों के अनुसार, संगठन को लेकर मिले फीडबैक को हाईकमान के सामने रखा गया, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला सामने आया।
अब कांग्रेस के सामने नए अध्यक्ष के चयन के साथ-साथ पार्टी के अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती भी है। नए नेतृत्व को लेकर हाईकमान की ओर से होने वाले फैसले पर पंजाब कांग्रेस के भीतर नजरें टिकी हैं।
विजय इंदर सिंगला क्यों हैं चर्चा में?
विजय इंदर सिंगला पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वह कांग्रेस में चुनाव प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं। रिपोर्टों में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में प्रमुख नाम बताया जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा होने तक किसी भी नाम को तय अध्यक्ष मानना उचित नहीं होगा।
परगट सिंह और रंधावा के नाम भी संभावित दावेदारों में
परगट सिंह भी नए प्रदेश अध्यक्ष के संभावित नामों में शामिल हैं। वह जालंधर कैंट से विधायक हैं और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान भी रह चुके हैं।
वहीं, सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरदासपुर से सांसद हैं। वह पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। इनके अलावा कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी अलग-अलग रिपोर्टों में संभावित दावेदारों के रूप में सामने आए हैं।
2027 के चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की चुनौती
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व का सवाल पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। नए अध्यक्ष के सामने संगठन को सक्रिय करने, उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने जैसी जिम्मेदारियां होंगी।
फिलहाल राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नए नेतृत्व को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख नामों में बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी संभावित सूची में हैं। अंतिम तस्वीर कांग्रेस हाईकमान की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।



