संजय दत्त के ‘शांति’ वाले बयान पर विवाद, पहले भी जेल से लेकर राजनीति और निजी जिंदगी तक इन मामलों में घिरे अभिनेता

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त इन दिनों भारत में शांति को लेकर दिए गए अपने बयान के बाद चर्चा में हैं। गांधी जयंती के विशेष कार्यक्रम के दौरान शेखर सुमन के शो में पहुंचे संजय दत्त ने कहा था कि देश के लोग अच्छे और बड़े दिल वाले हैं, लेकिन उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और अभिनेता को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी एक हल्की-फुल्की और हास्यपूर्ण बातचीत के संदर्भ में थी। उन्होंने कहा कि उनका किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।
मराठी भाषा को लेकर भी हो चुका है विवाद
संजय दत्त की किसी टिप्पणी पर विवाद का यह पहला मामला नहीं है। सितंबर 2026 में एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बोलने के लिए कहा था। इस पर अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में येरवडा जेल में बिताई सजा का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने जेल में भी मराठी नहीं सीखी।
इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। बाद में प्रताप सरनाईक के मुताबिक, संजय दत्त ने फोन कर स्पष्टीकरण दिया था और कहा था कि अगर उनके मजाक से कोई गलत संदेश गया हो तो वह माफी मांगते हैं।
बेटी त्रिशाला को लेकर भी चर्चा में आया था बयान
साल 2017 में फिल्म ‘भूमि’ के प्रचार के दौरान संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त को लेकर कही गई बात भी चर्चा में रही थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने त्रिशाला की पढ़ाई पर काफी ध्यान दिया और वह फॉरेंसिक साइंस में विशेषज्ञता हासिल कर चुकी हैं।
संजय दत्त ने यह भी कहा था कि अभिनय आसान काम नहीं है और फिल्म इंडस्ट्री में आने के लिए त्रिशाला को हिंदी सीखनी होगी। इसी दौरान ऑन-स्क्रीन बेटी और त्रिशाला की समानता को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह त्रिशाला को अभिनेत्री बनने से रोकना चाहते थे।
अमीषा पटेल के कपड़ों पर भी दी थी टिप्पणी
साल 2012 में अमीषा पटेल से जुड़ा एक मामला भी सामने आया था। एक समारोह में संजय दत्त ने अमीषा की पोशाक को काफी ज्यादा खुला हुआ माना और उन्हें कपड़े ढकने के लिए कहा था।
बाद में संजय दत्त की ओर से सफाई दी गई कि वह अमीषा को बहन की तरह मानते हैं और इसी भावना के चलते उन्होंने ऐसा कहा था। अमीषा भी कई बार कह चुकी हैं कि संजय दत्त के घर जाते समय वह पश्चिमी परिधान के बजाय सूट पहनकर जाती हैं।
महिलाओं को लेकर बयान से भी हुआ था विवाद
साल 2007 में ‘कॉफी विद करण’ के दौरान संजय दत्त से महिलाओं के साथ संबंधों को लेकर सवाल पूछा गया था। दिए गए विकल्पों में उन्होंने 200 से ज्यादा का जवाब चुना था। इसी बातचीत में जब उनसे तीन इच्छाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पैसा, आजादी और महिलाओं का जिक्र किया था।
बाद में 2018 में आई फिल्म ‘संजू’ में भी उनकी जिंदगी से जुड़ी महिलाओं की संख्या का संदर्भ दिखाया गया। इसके बाद उनकी निजी जिंदगी और फिल्म में दिखाए गए किरदार को लेकर चर्चा हुई थी।
मायावती को लेकर राजनीतिक सभा में भी घिरे थे
साल 2009 में समाजवादी पार्टी के स्टार प्रचारक के तौर पर प्रतापगढ़ में एक सभा के दौरान संजय दत्त का बयान भी विवादों में आया था। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का नाम लेते हुए उन्हें जादू की झप्पी देने की बात कही थी।
इस टिप्पणी के बाद अभिनेता पर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था।
आमिर, शाहरुख और नसीरुद्दीन शाह के बयान भी रहे चर्चा में
संजय दत्त के अलावा बॉलीवुड के अन्य बड़े सितारों की टिप्पणियां भी अलग-अलग समय पर विवादों का कारण बनी हैं। साल 2015 में आमिर खान ने देश में बढ़ती असहिष्णुता को लेकर अपनी पत्नी किरण राव की चिंता का जिक्र किया था। इसी साल शाहरुख खान ने भी धार्मिक असहिष्णुता को लेकर टिप्पणी की थी।
साल 2018 में नसीरुद्दीन शाह ने अपने बच्चों की सुरक्षा और धर्म को लेकर चिंता जताई थी। इन बयानों के बाद तीनों अभिनेताओं को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।



