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एशियन गेम्स के बाद सान्या यादव की दमदार वापसी, नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक

नारनौल: हरियाणा के बैरावास गांव की एथलीट सान्या यादव ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सान्या ने महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 52.45 मीटर तक चक्का फेंका और तीसरा स्थान हासिल किया। एशियाई खेलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उनकी यह उपलब्धि अहम मानी जा रही है।

महिला डिस्कस थ्रो में तीन सेंटीमीटर से चूका रजत पदक

आठ से 11 अक्टूबर तक आयोजित इस चैंपियनशिप में महिला डिस्कस थ्रो का मुकाबला कड़ा रहा। हरियाणा की सीमा कालीरमण ने 57.63 मीटर का थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक जीता। राजस्थान की निकिता कुमारी 52.48 मीटर के प्रदर्शन के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और उन्हें रजत पदक मिला। वहीं, सान्या यादव ने 52.45 मीटर तक चक्का फेंककर कांस्य पदक हासिल किया। सान्या और रजत पदक विजेता के प्रदर्शन के बीच महज तीन सेंटीमीटर का अंतर रहा।

एशियाई खेलों के बाद राष्ट्रीय मंच पर दिखाई दमदार वापसी

जापान में आयोजित एशियाई खेलों के दौरान पदक की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाने के बाद सान्या ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपनी क्षमता साबित की है। उनका यह प्रदर्शन दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का नतीजा उनके हौसले और मेहनत पर भारी नहीं पड़ा। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर उन्होंने अपने खेल करियर में एक और उपलब्धि जोड़ ली है।

वायुसेना में कार्यरत हैं पिता, मां ने संभाली प्रशिक्षण की जिम्मेदारी

सान्या यादव हरियाणा के बैरावास गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह यादव भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं। बेटी के खेल करियर को आगे बढ़ाने के लिए उनकी मां कृष्णा यादव ने देहरादून में उनके साथ रहकर प्रशिक्षण और रोजमर्रा की जरूरतों की जिम्मेदारी संभाली। कोच जगजीत सिंह के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हुए सान्या ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और एशियाई खेलों तक पहुंचीं। अब नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

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