
सीएम योगी का दावा- यूपी की अर्थव्यवस्था की ताकत हैं किसान, कृषि विकास दर 8 से बढ़कर 18% हुई
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास दर में बढ़ोतरी, सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।
बीज से बाजार तक किसानों को मिल रही सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसान कर्ज, बदहाली और लाचारी से जूझ रहे थे। उन्हें बिचौलियों के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई की सुविधा, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का भुगतान और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लंबे समय से अटकी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। उनके अनुसार, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है। राज्य की कृषि विकास दर भी 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि दूध, गन्ना और गेहूं के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
80 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया धान
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद की गई। इसके बदले किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत का सम्मान करने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
किसानों की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान प्रदेश की आर्थिक ताकत और समृद्धि का आधार हैं। उन्होंने किसान के अधिकारों की रक्षा और उसकी खुशहाली को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक सहायता, बेहतर कृषि सुविधाएं और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयासों को भी इसी दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में पेश किया गया।



