
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, गणित, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध की चाल में बदलाव का असर व्यक्ति की बातचीत, कारोबारी निर्णय और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। पंचांग की गणना के मुताबिक 24 अक्टूबर 2026 से बुध वक्री चाल चलने वाले हैं।
ज्योतिष में ग्रहों की वक्री चाल को हर बार अशुभ नहीं माना जाता। कई बार इसे पुराने कामों की दोबारा समीक्षा, अटकी योजनाओं को आगे बढ़ाने और पहले लिए गए फैसलों से लाभ मिलने से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से बुध की वक्री चाल को कुछ राशियों के लिए अनुकूल बताया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, कर्क और कुंभ राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में फायदा मिल सकता है।
मेष राशि: कारोबार में मिल सकता है बड़ा मौका
मेष राशि वालों के लिए बुध का वक्री होना ज्योतिषीय दृष्टि से लाभकारी बताया जा रहा है। इस दौरान अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और बातचीत के जरिए काम निकालने की क्षमता बेहतर हो सकती है। इसका सकारात्मक असर कार्यक्षेत्र में देखने को मिल सकता है।
पार्टनरशिप या कारोबार से जुड़े लोगों को कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर मिलने के योग बताए जा रहे हैं। आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकती है और लंबे समय से अटका पैसा वापस आने की संभावना भी जताई जा रही है। पुराने आर्थिक मामलों की समीक्षा करना भी इस दौरान फायदेमंद हो सकता है।
कर्क राशि: नौकरी में प्रमोशन के बन सकते हैं योग
कर्क राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल करियर और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आने वाली बताई जा रही है। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक नौकरी करने वालों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है।
लंबे समय से पदोन्नति या मनचाही जगह तबादले का इंतजार कर रहे लोगों के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। वहीं, पहले किए गए निवेश या संपत्ति से जुड़े पुराने फैसले से लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। परिवार में भी सुखद माहौल और मानसिक शांति रहने के संकेत बताए गए हैं।
कुंभ राशि: आय बढ़ने के खुल सकते हैं नए रास्ते
कुंभ राशि के लिए बुध की वक्री चाल आर्थिक स्थिति और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण बताई जा रही है। ज्योतिष के अनुसार इस अवधि में आमदनी के नए स्रोत बन सकते हैं और आय में बढ़ोतरी के अवसर मिल सकते हैं।
कारोबार करने वालों को बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी यह समय अनुकूल बताया गया है। बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों को अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।
इस दौरान सोच-समझकर लिए गए फैसलों और सही रणनीति का फायदा मिलने की बात कही जा रही है। पुराने मामलों की समीक्षा करने और आगे की योजनाओं को नए सिरे से तैयार करने से भी लाभ मिल सकता है।



