
जगजीत सिंह की पुण्यतिथि पर कमाल खान ने दी सुरमयी स्वरांजलि
राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में गूंजीं ग़ज़ल सम्राट की यादगार ग़ज़लें
लखनऊ : ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह की पुण्यतिथि पर शनिवार को लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित संगीतमय कार्यक्रम में प्रख्यात ग़ज़ल गायक एवं यश भारती सम्मान से सम्मानित कमाल खान ने अपनी सुरीली आवाज़ में उनकी चुनिंदा ग़ज़लों को प्रस्तुत कर भावपूर्ण स्वरांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर के महंत विशाल गौड़ मयंक शर्मा कमिश्नर कस्टम और अबरार लखनवी ने कमाल खान के साथ जगजीत सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि दी। जगजीत सिंह की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी लोकप्रिय ग़ज़ल तुम यह कैसे जुदा हो गए के माध्यम से संगीत प्रेमियों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। इसके बाद चिट्ठी न कोई संदेश जाने वह कौन सा देश जहां तुम चले गये से माहौल गमगीन हो गया। श्रोताओं की फरमाइश पर हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले और हुजूर आपका एहतराम करता हूं सुनाई।

कमाल खान ने अपनी गायकी के जरिए जगजीत सिंह की ग़ज़लों की मिठास, संवेदनशीलता और भावनात्मक गहराई को सुरों में पिरोने का प्रयास किया। उनकी प्रस्तुतियों ने ग़ज़ल प्रेमियों को जगजीत सिंह की संगीत यात्रा और उनकी अमर विरासत की याद दिलाई। जगजीत सिंह ने अपनी बेमिसाल आवाज़ और दिल को छू लेने वाली ग़ज़लों से संगीत की दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी ग़ज़लें आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान रखती हैं। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह स्वरांजलि उनकी संगीत विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक भावपूर्ण अवसर बनी। कार्यक्रम का संचालन अबरार लखनवी ने किया। इस अवसर पर भारी संख्या में कलाकार और ग़ज़ल प्रेमी श्रोता मौजूद रहे।



