रात दिन सुशासन की राह में नहीं बनेंगे बाधा, मुख्यमंत्री धामी ने दिए जन चौपाल और रात्रि चौपाल लगाने के निर्देश

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीती रात अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में मानसून के बाद प्रदेश में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानसून के बाद सड़कों को नुकसान पहुंचने और जनजीवन प्रभावित होने जैसी चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जन चौपाल और तहसील दिवस जैसी पहल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठकों का रोस्टर तैयार कर बैठकें आयोजित की जाएं। इसके साथ ही रात्रि चौपाल भी लगाई जाएं, ताकि लोगों की समस्याओं को सीधे सुना जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से क्षेत्रों का दौरा करें और छोटी-छोटी समस्याओं का भी तत्काल संज्ञान लेकर उनका समाधान करें। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
धामी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकार सीधे जनता से संवाद कर रही है। इस दौरान कैबिनेट के फैसलों और सरकार की महत्वपूर्ण नीतियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जन चौपालों का महत्व :
जन चौपाल और रात्रि चौपाल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने, समस्याओं का त्वरित समाधान करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के प्रभावी माध्यम हैं। ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखने का अवसर मिलता है। जन चौपाल का लाभ ये है कि आवास, राशन कार्ड, पेंशन, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं का मौके पर ही निवारण किया जाता है।
जन चौपाल वह माध्यम है जिसके जरिये शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाती है। अधिकारियों के सीधे क्षेत्र में जाने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आती है।
रात्रि चौपाल का महत्व :
किसानों और मजदूरों की उपलब्धता को देखें तो दिन के समय किसान खेतों में या मजदूर काम में व्यस्त होते हैं; रात में फुर्सत मिलने से वे आसानी से एकत्र हो सकते हैं। इस दृष्टि से रात्रि चौपाल एक सहज सुगम माध्यम है।
इसके साथ ही रात के समय किसी प्रकार की जल्दी न होने के कारण ग्रामीण खुलकर अपनी समस्याएं व सुझाव साझा कर सकते हैं। रात्रि चौपालों के माध्यम से किसानों को मौसम, आधुनिक खेती और कृषि सब्सिडी की जानकारी दी जाती है।
रात्रि चौपाल में शिक्षा एवं सामाजिक मुद्दों पर भी संवाद किया जाता है। बच्चों को स्कूल भेजने, बालिका शिक्षा और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए प्रेरित किया जाता है। रात्रि चौपाल के जरिए पुलिस और प्रशासन द्वारा सीधे संवाद से गांव में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाता है।


