देहरादून: उत्तराखण्ड में तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 13 नवंबर को देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में गठित समिति की बैठक हुई। इसमें आयोजन को सफल बनाने, व्यापक प्रचार-प्रसार करने और देश-विदेश में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने पर जोर
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, युवा-केंद्रित और नवाचारपूर्ण स्वरूप में आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन ऐसा होना चाहिए, जिससे इसकी अलग पहचान स्थापित हो सके। इसके लिए देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रवासी उत्तराखण्डियों को चिह्नित कर सम्मेलन में आमंत्रित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

प्रवासी उत्तराखण्डियों से होगा सार्थक संवाद
प्रमुख सचिव ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया जाए। उनके अनुभवों, सुझावों और योगदान का लाभ लेकर राज्य के विकास को नई दिशा देने के प्रयास किए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
एक सप्ताह में तैयार होगी सम्मेलन की रूपरेखा
प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा अंतिम रूप से तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, तैयारियों की प्रगति की जानकारी तीन से चार दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्मेलन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
मीडिया और सोशल मीडिया से होगा व्यापक प्रचार
सम्मेलन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रमुख सचिव ने मीडिया, विज्ञापन, होर्डिंग और सामाजिक माध्यमों के जरिए प्रभावी प्रचार अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर आमंत्रित किए जाने वाले अतिथियों की पहचान करने के साथ उनके आवागमन, परिवहन, वाहनों, ठहरने और भोजन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा उद्घाटन सत्र, विभिन्न विषयगत सत्रों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारियां भी समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए। आयोजन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं पर दिखाई जाएंगी लघु फिल्में
सम्मेलन स्थल पर साफ-सफाई, पहुंच मार्गों की उचित व्यवस्था और सुचारु परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आयोजन के दौरान राज्य सरकार के विकास कार्यों, विभिन्न योजनाओं और नीतियों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रसारण किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य में हो रहे विकास कार्यों और अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित पहलों की जानकारी दी जाएगी।
प्रमुख सचिव ने सभी संबंधित विभागों को पत्र भेजकर आपसी समन्वय के साथ आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि सम्मेलन को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से आयोजित किया जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
सचिवालय में आयोजित बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर और राजेंद्र कुमार, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, देहरादून के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उत्तराखण्ड प्रवासी प्रकोष्ठ के सदस्य सुधीर चन्द्र नौटियाल और उपनिदेशक सूचना बद्री चंद सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




