देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के साथ विदेशी भाषाएं सीखने का अवसर भी मिल सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की इस पहल के तहत अटल उत्कृष्ट और राजीव नवोदय विद्यालयों में विदेशी भाषा प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शिक्षा विभाग को इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के युवाओं, आईटीआई विद्यार्थियों और नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को भी विदेशी भाषा सिखाने की योजना बनाई जा रही है।
हर जिले में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र बनाने की तैयारी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित बैठक में विदेशी भाषा प्रशिक्षण को व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
इस योजना के तहत कार्मिक और वित्त विभाग को संबंधित विभागों के साथ समन्वय करके एक समग्र प्रस्ताव तैयार करना होगा। इसका उद्देश्य युवाओं को विदेशी भाषाओं में दक्ष बनाकर वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
नर्सिंग कॉलेजों के करीब 600 विद्यार्थियों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
सरकार की प्रस्तावित योजना का लाभ केवल स्कूली विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत आईटीआई में पढ़ने वाले छात्रों, आम युवाओं और सरकारी नर्सिंग कॉलेजों के लगभग 600 विद्यार्थियों को भी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने की तैयारी है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की सेवाएं लेने की योजना है। इसके बदले उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट या प्रोत्साहन दिया जाएगा। युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के साथ मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की भी योजना है।
देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर के कार्यक्रमों का होगा विस्तार
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की ओर से फिलहाल देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरकार इन कार्यक्रमों का विस्तार करके इन्हें प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचाना चाहती है।
इसके लिए कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित केंद्रों को भी विदेशी भाषा प्रशिक्षण व्यवस्था में शामिल करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
सरकारी स्कूलों की छमाही परीक्षाओं का टाइम टेबल बदला
उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों की छमाही परीक्षाओं के समय में भी संशोधन किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद प्रसाद सिमल्टी के अनुसार, अब पहली पाली की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 12:15 बजे से 3:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
पहले पहली पाली का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरी पाली का समय दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित था। संशोधित समय-सारिणी के अनुसार परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम को कौशल विकास की व्यापक पहल के तौर पर आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
हालांकि, सरकारी स्कूलों में कौन-कौन सी विदेशी भाषाएं पढ़ाई जाएंगी और प्रशिक्षण कार्यक्रम कब से शुरू होगा, इसकी विस्तृत जानकारी कार्ययोजना तैयार होने के बाद सामने आएगी।




