
पटना: दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटना जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा और विधि-व्यवस्था से जुड़े सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए हैं। पूजा पंडालों का नियमित निरीक्षण करने, पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया है।
बिना लाइसेंस जुलूस निकालने की अनुमति नहीं
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा। प्रत्येक जुलूस की तारीख और मार्ग पहले से निर्धारित करना अनिवार्य होगा। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सभी आयोजनों के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि त्योहार के समय किसी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।
पूजा पंडालों की सुरक्षा पर विशेष नजर
प्रशासन ने पूजा पंडालों की मजबूती, प्रवेश और निकास के रास्तों तथा सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। कार्यपालक अभियंता, विद्युत को सभी पंडालों में बिजली कनेक्शन और वायरिंग की जांच कराने को कहा गया है। इसके अलावा, हर पूजा पंडाल में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
मूर्ति विसर्जन के दौरान रोशनी और गोताखोरों की व्यवस्था
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित बनाने के लिए चिह्नित कृत्रिम तालाबों और अन्य निर्धारित स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्थानों पर लाउडस्पीकर और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को भी तैनात किया जाएगा।
खतरनाक घाटों पर लगेंगे चेतावनी संकेतक
प्रशासन ने विसर्जन के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना रोकने के लिए खतरनाक घाटों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। ऐसे स्थानों पर स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाए जाएंगे। साथ ही, श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से प्रतिमा विसर्जन करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रशासन का जोर त्योहार के दौरान शांति, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर है।



