
नई दिल्ली: स्वस्थ रहने और शरीर को फिट रखने के लिए नियमित व्यायाम करना जरूरी है। आजकल कई लोग अपनी दिनचर्या में योग और एक्सरसाइज को शामिल कर रहे हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि से मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाने और फिटनेस बनाए रखने में मदद मिलती है। अगर आप भी अपने शरीर को मजबूत और सुडौल बनाना चाहते हैं, तो पुशअप्स जैसे आसान व्यायाम से शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, बेहतर परिणाम के लिए सही तकनीक, नियमित अभ्यास और संतुलित खानपान भी जरूरी है।
अपर बॉडी को मजबूत बनाने के लिए करें पुशअप्स
पुशअप्स शरीर के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाला एक प्रभावी व्यायाम है। इसे करने से छाती, कंधे, ट्राइसेप्स और शरीर के मध्य हिस्से की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। अपनी क्षमता के अनुसार पुशअप्स के अलग-अलग प्रकार अपनाए जा सकते हैं। शुरुआत करने वालों को आसान विकल्पों से अभ्यास शुरू करना चाहिए।
नी-फोल्ड पुशअप्स करने का सही तरीका
जो लोग सामान्य पुशअप्स करने में कठिनाई महसूस करते हैं, वे घुटनों के सहारे पुशअप्स कर सकते हैं। इसे करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- सबसे पहले पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे जमीन पर रखें।
- घुटनों को जमीन पर टिकाएं और सिर से घुटनों तक शरीर को सीधा रखें।
- अब कोहनियों को मोड़ते हुए छाती को धीरे-धीरे जमीन की ओर लाएं।
- इसके बाद हथेलियों के सहारे शरीर को वापस ऊपर उठाएं।
- पूरे अभ्यास के दौरान कमर को सीधा रखें और सांस सामान्य गति से लेते रहें।
शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार कम दोहराव करें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें।
शुरुआती लोगों के लिए वॉल पुशअप्स
अगर आपने अभी-अभी एक्सरसाइज शुरू की है, तो वॉल पुशअप्स एक आसान विकल्प हो सकता है। इसमें जमीन पर लेटने की जरूरत नहीं होती और शरीर पर अपेक्षाकृत कम भार पड़ता है।
इसे करने के लिए दीवार की ओर मुंह करके खड़े हो जाएं। दोनों हथेलियों को कंधों की ऊंचाई पर दीवार पर रखें और पैरों को थोड़ा पीछे रखें। अब कोहनियों को मोड़ते हुए शरीर को दीवार की ओर ले जाएं। कुछ क्षण रुकने के बाद हथेलियों के सहारे वापस शुरुआती स्थिति में आ जाएं। अभ्यास के दौरान पैरों को जमीन पर टिकाकर रखें और शरीर को नियंत्रित तरीके से आगे-पीछे करें।
वाइड पुशअप्स से छाती की मांसपेशियों पर पड़ता है जोर
जब आप सामान्य या घुटनों के सहारे पुशअप्स करने में सहज हो जाएं, तो वाइड पुशअप्स आजमा सकते हैं। इसमें हथेलियों को कंधों से थोड़ा अधिक चौड़ाई पर रखा जाता है। इस तरीके से छाती की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है, लेकिन कंधों पर भी दबाव बढ़ सकता है। इसलिए हाथों को जरूरत से ज्यादा दूर न रखें और किसी तरह का दर्द महसूस होने पर अभ्यास रोक दें।
क्लोज पुशअप्स से ट्राइसेप्स को मिलता है व्यायाम
क्लोज पुशअप्स में हथेलियों को सामान्य पुशअप्स की तुलना में थोड़ा पास रखा जाता है। इससे ट्राइसेप्स यानी बाजुओं के पीछे की मांसपेशियों पर अधिक जोर पड़ सकता है। इसे करने के लिए शरीर को सीधा रखते हुए कोहनियों को मोड़ें और नियंत्रित तरीके से नीचे जाएं। फिर हाथों के सहारे शरीर को ऊपर उठाएं।
शुरुआती लोगों को क्लोज पुशअप्स करने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में पहले आसान पुशअप्स का अभ्यास करें और ताकत बढ़ने पर ही इस प्रकार को अपनाएं।
एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
व्यायाम शुरू करने से पहले हल्का वार्मअप करें और अपनी क्षमता के अनुसार अभ्यास करें। सही तकनीक पर ध्यान दें, बीच-बीच में आराम लें और शरीर को पर्याप्त समय दें। केवल पुशअप्स करने से पूरे शरीर की फिटनेस हासिल नहीं होती, इसलिए पैरों, पीठ और अन्य मांसपेशियों के लिए भी व्यायाम करें। संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर को स्वस्थ व मजबूत बनाए रखने में मदद करती है।



