
नई दिल्ली: बदलते मौसम, धूल-मिट्टी, एलर्जी और वायरल संक्रमण जैसी कई वजहों से सूखी खांसी की समस्या हो सकती है। इसमें गले में खुजली या खराश महसूस होती है और बार-बार खांसने से छाती व पसलियों में दर्द भी हो सकता है। अगर सूखी खांसी लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ घरेलू उपाय गले को आराम देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनसे हर बार खांसी पूरी तरह ठीक हो जाए, यह जरूरी नहीं है।
सूखी खांसी क्या है और क्यों होती है?
सूखी खांसी में आमतौर पर बलगम नहीं निकलता। यह सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, एलर्जी, धुएं या प्रदूषण के संपर्क और कभी-कभी एसिड रिफ्लक्स के कारण भी हो सकती है। लगातार खांसने से गले में जलन और छाती की मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। यदि खांसी बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी हुई है, तो इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अदरक और शहद से मिल सकती है राहत
अदरक और शहद का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर गले की परेशानी में किया जाता है। शहद खांसी की तीव्रता कम करने और गले को आराम देने में मदद कर सकता है। अदरक भी कुछ लोगों को गले में राहत दे सकता है, हालांकि सूखी खांसी के इलाज में इसकी प्रभावशीलता के प्रमाण सीमित हैं।
कैसे करें इस्तेमाल?
- एक छोटा टुकड़ा अदरक कूटकर उसका रस निकाल लें।
- थोड़े से शहद में अदरक का रस मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
- यदि इससे पेट में जलन या कोई अन्य परेशानी हो, तो इसका सेवन बंद कर दें।
ध्यान रखें कि एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल नहीं देना चाहिए।
मुलेठी का इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
मुलेठी का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में गले की परेशानी के लिए किया जाता है। हालांकि, सूखी खांसी में इसके लाभों को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। मुलेठी का अधिक या लंबे समय तक सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है और शरीर में पोटैशियम का स्तर कम कर सकता है। उच्च रक्तचाप, हृदय या गुर्दे की बीमारी वाले लोगों और नियमित दवाएं लेने वालों को इसका सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
पीपल की गांठ का घरेलू उपाय
पारंपरिक घरेलू नुस्खों में पीपल की गांठ के चूर्ण को शहद के साथ लेने का उल्लेख मिलता है। हालांकि, सूखी खांसी को ठीक करने में इस उपाय की प्रभावशीलता के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए इसे प्रमाणित उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए। खांसी लगातार बनी रहने पर घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज में देरी न करें।
शहद और गुनगुना पानी भी हो सकता है उपयोगी
गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में शहद मिलाकर पीने से गले को आराम मिल सकता है और खांसी में कुछ राहत मिल सकती है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना भी उपयोगी है। गर्म पेय बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, ताकि गले में जलन न हो।
तुलसी के पत्तों से जुड़े दावों को समझें
तुलसी का इस्तेमाल कई पारंपरिक घरेलू नुस्खों में किया जाता है। कुछ लोग इसके पत्तों का सेवन गले की परेशानी में करते हैं, लेकिन सूखी खांसी को ठीक करने के लिए इसके लाभों के ठोस प्रमाण सीमित हैं। यदि आप नियमित दवाएं लेते हैं या किसी बीमारी का उपचार करा रहे हैं, तो तुलसी या अन्य हर्बल उत्पादों का औषधीय मात्रा में सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
यदि सूखी खांसी कई सप्ताह तक बनी रहे, बार-बार लौटे या रात में नींद प्रभावित करे, तो डॉक्टर से जांच कराएं। सांस लेने में परेशानी, सीने में तेज दर्द, खून वाली खांसी या गंभीर कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।



