मलेरिया वैक्सीन की कीमत में 40 फीसदी की कटौती, 10 लाख और बच्चों को मिलेगा सुरक्षा कवच

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : मलेरिया के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूती देने के लिए भारत बायोटेक ने गावी और यूनिसेफ के साथ मलेरिया वैक्सीन की कीमत घटाने का समझौता किया है। इसके तहत वैक्सीन की कीमत करीब 40 फीसदी कम होगी। इससे 2027 से 2029 के बीच टीकाकरण कार्यक्रमों को करीब 5 करोड़ डॉलर की बचत होने और 10 लाख अतिरिक्त बच्चों को वैक्सीन की पूरी खुराक देने में मदद मिलेगी।
भारत बायोटेक अब मॉस्किवैक ब्रांड नाम से RTS,S/AS01 मलेरिया वैक्सीन का निर्माण कर रही है।इस वैक्सीन को मूल रूप से जीएसके ने विकसित किया था। समझौते के तहत इसकी कीमत घटाकर 5.50 यूरो प्रति खुराक की जाएगी। नई कीमत 2027 की शुरुआत तक लागू होने की उम्मीद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2021 में इस वैक्सीन की सिफारिश की थी।
वैक्सीन की चार खुराक का पूरा कोर्स मौसमी मलेरिया के अधिक प्रसार वाले क्षेत्रों में मलेरिया के मामलों को करीब 75 फीसदी तक कम कर सकता है।भारत बायोटेक के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कृष्णा एला ने कहा कि कंपनी ने वैक्सीन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और इसकी आपूर्ति मजबूत करने में महत्वपूर्ण निवेश किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर कंपनी का लक्ष्य मलेरिया वैक्सीन को अधिक किफायती बनाना और ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचाना है।
गौरतलब है कि मलेरिया आज भी दुनिया भर में बच्चों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। वर्ष 2024 में दुनियाभर में मलेरिया के करीब 28 करोड़ 20 लाख मामले सामने आए और लगभग 6 लाख 10 हजार लोगों की मौत हुई। इनमें से अधिकांश मामले और मौतें अफ्रीका में दर्ज की गईं।गावी समर्थित मलेरिया टीकाकरण कार्यक्रम फिलहाल अफ्रीका के 25 देशों में नियमित टीकाकरण का हिस्सा है। वैक्सीन की कीमत में कमी से अधिक बच्चों तक सुरक्षा पहुंचाने और वर्ष 2030 तक 5 करोड़ अतिरिक्त बच्चों के टीकाकरण के वैश्विक लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।



