देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया अब पहले से आसान और तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग के एक नियम में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सड़क बनाने के लिए पहाड़ों की कटाई और उसके बाद सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। अब दोनों कामों की मंजूरी एक साथ मिल सकेगी। इसके अलावा कैबिनेट ने स्टांप से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और शिक्षा संस्थानों के ढांचे में बदलाव सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी।
सड़क निर्माण में दोहरी मंजूरी से मिलेगी राहत
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए अब तक दो चरणों में अनुमति लेनी पड़ती थी। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद पहले चरण में पहाड़ की कटाई की अनुमति दी जाती थी। इसके बाद सुरक्षा दीवार, पुलिया और नालियों जैसे जरूरी निर्माण कार्यों के लिए अलग से स्वीकृति लेनी पड़ती थी।
इस प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगता था और सड़क निर्माण की गति प्रभावित होती थी। कैबिनेट के नए फैसले के बाद पहाड़ की कटाई और उससे जुड़े सुरक्षात्मक कार्यों की अनुमति एक साथ मिल सकेगी। इससे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है।
स्टांप के 3,600 लंबित मामलों के लिए एकमुश्त समाधान योजना
राज्य में स्टांप से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के लिए सरकार एकमुश्त समाधान यानी वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करेगी। कैबिनेट ने वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
वर्तमान में राज्य के विभिन्न न्यायालयों में स्टांप से संबंधित करीब 3,600 मामले लंबित हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना के जरिए इन मामलों का समाधान हो सकेगा और राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। साथ ही, मामलों में शामिल पक्षकारों को भी राहत मिलने की संभावना है।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया होगी आसान
उत्तराखंड सरकार विधानसभा में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। इसके साथ ही कैबिनेट ने रुड़की के आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएसएम विश्वविद्यालय को निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इसके अलावा उत्तरकाशी के मंजीरा देवी विश्वविद्यालय और देहरादून के आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के संचालन से संबंधित नियमावली के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
राज्य के सभी 13 डायट के ढांचे में बदलाव
धामी कैबिनेट ने राज्य के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के नए ढांचे को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रत्येक संस्थान में पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 कर दी जाएगी।
नए ढांचे में पदों की संख्या कम की गई है, लेकिन प्रत्येक डायट में उप प्राचार्य की तैनाती का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का यह फैसला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीकृत रसोई से बनेगा मध्याह्न भोजन
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिले में केंद्रीकृत रसोई स्थापित करने के लिए अन्नामृता फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
फिलहाल इन क्षेत्रों में भोजनमाताएं बच्चों के लिए खाना तैयार करती हैं। केंद्रीकृत रसोई की व्यवस्था लागू होने के बाद भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव होगा।
धामी कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
कैबिनेट बैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:
- सिविल विधि संशोधन विधेयक के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक रिपोर्ट को स्वीकृति दी गई।
- माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को विधेयक के रूप में प्रतिस्थापित करने की मंजूरी दी गई।
- ऊधम सिंह नगर के आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय के उच्चीकरण को मंजूरी मिली।
- वित्तीय डाटा केंद्र के तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई।
- विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों की सेवा नियमावली को मंजूरी मिली।
- उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (उरेडा) के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।




