समुद्री सुरक्षा और प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और खाड़ी देश ओमान :

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : भारत और ओमान ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए नौसैनिक समन्वय बढ़ाने पर चर्चा की। भारतीय नौसेना ने हाल ही में बताया है कि दोनों देशों के बीच नौसेना स्टाफ वार्ता का आठवां संस्करण नई दिल्ली में आयोजित किया गया। वार्ता की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना के कमोडोर (विदेशी सहयोग) कार्तिक श्रीमल और रॉयल नेवी ऑफ ओमान के संचालन एवं योजना महानिदेशक कमोडोर अहमद जुमा सलीम अल खत्री ने की।
भारतीय नौसेना के अनुसार, चर्चा में परिचालन संबंधी सहयोग, प्रशिक्षण, सूचनाओं के आदान-प्रदान और जल सर्वेक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने और साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर भी जोर दिया।भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच परिचालन संबंधों को मजबूत करना और समुद्री सुरक्षा के साझा मुद्दों पर समन्वय बढ़ाना था।
इस महीने की शुरुआत में भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ओमान के सलालाह बंदरगाह पर चार दिन रुकने के बाद रवाना हुआ था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पोत अपने ऐतिहासिक अंतरमहासागरीय अभियान ‘लोकायन-2026’ के तहत यात्रा कर रहा है। पोत 14 से 17 अक्टूबर तक सलालाह में रहा।
इस दौरान रॉयल नेवी ऑफ ओमान के साथ पेशेवर संवाद और खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन गतिविधियों से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी संबंध मजबूत करने और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने में मदद मिली।मंत्रालय के अनुसार, ‘लोकायन-2026’ अभियान भारतीय नौसेना की समुद्री विरासत और नौसैनिक प्रशिक्षुओं में समुद्री कौशल, धैर्य तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभियान के दसवें महीने में प्रवेश करने के साथ आईएनएस सुदर्शिनी की यात्रा भारत की समुद्री कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को आगे बढ़ाने में भी योगदान दे रही है।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, सलालाह में ठहराव के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी पर भारतीय समुदाय के 500 से अधिक सदस्यों का स्वागत किया गया। इनमें इंडियन स्कूल सलालाह के बच्चे और शिक्षक भी शामिल थे। दूतावास ने बताया कि पोत के चालक दल ने आगंतुकों को नौकायन पोत पर जीवन के बारे में जानकारी दी और ‘लोकायन-2026’ अभियान के अनुभव साझा किए। इस यात्रा से भारतीय समुदाय के सदस्यों को भारतीय नौसेना की बढ़ती क्षमताओं और उसकी समुद्री परंपरा को करीब से जानने का अवसर मिला।



