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भोपाल में 600 मकानों पर चलेगा बुलडोजर! 13 नवंबर तक घर खाली करने का आखिरी मौका, जानिए किसे मिलेगा नया फ्लैट और किसे नहीं

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहने वाले सैकड़ों परिवारों पर मकान खाली करने का दबाव बढ़ गया है। यहां जर्जर हो चुके 600 ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने सभी निवासियों को 13 नवंबर 2026 तक मकान खाली करने और अपना सामान हटाने का अंतिम नोटिस जारी किया है। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन इन मकानों को गिराने की कार्रवाई शुरू करेगा। इस पूरी योजना के तहत पुराने मकानों की जगह आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर बनाया जाना है।

600 मकानों में से सिर्फ 110 में रह रहे मूल आवंटी

हाउसिंग बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ऐशबाग के इन 600 मकानों में फिलहाल केवल 110 इकाइयों में ही मूल कानूनी आवंटी रह रहे हैं। बाकी मकानों में अधिकांश पर अनधिकृत कब्जा बताया गया है।

इन इमारतों की जर्जर हालत को देखते हुए भोपाल नगर निगम ने मई 2016 में ही इन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2018 में भी मकान खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। अब हाउसिंग बोर्ड ने एक बार फिर सभी संबंधित निवासियों को 13 नवंबर तक मकान खाली करने का अंतिम निर्देश दिया है।

पुराने मकानों की जगह बनेगा आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर

हाउसिंग बोर्ड की योजना के तहत मौजूदा जर्जर इमारतों को पूरी तरह ध्वस्त करके उनकी जगह नया आवासीय परिसर विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण मध्य प्रदेश पुनर्विकास नीति, 2022 के तहत किया जाना है।

इस परियोजना का उद्देश्य खतरनाक और पुराने हो चुके मकानों को हटाकर लोगों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। हाउसिंग बोर्ड के मुताबिक, मकान खाली कराने से लेकर ध्वस्तीकरण तक की पूरी कार्रवाई पुलिस और भोपाल नगर निगम के सहयोग से कानूनी प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्ण तरीके से की जाएगी।

अवैध कब्जाधारियों को न किराया मिलेगा, न नया फ्लैट

इस पुनर्विकास योजना में सबसे अहम शर्त पात्रता को लेकर रखी गई है। हाउसिंग बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिन्हें इन मकानों का मूल कानूनी आवंटन किया गया था।

जो वैध आवंटी मकान खाली करने के लिए लिखित सहमति देंगे, उन्हें पुनर्निर्माण की अवधि के दौरान कलेक्टर दर के अनुसार हर महीने किराया सहायता दी जाएगी। वहीं, जिन लोगों ने अनधिकृत तरीके से इन मकानों पर कब्जा कर रखा है, उन्हें न तो किराये के रूप में कोई आर्थिक सहायता मिलेगी और न ही पुनर्विकास के बाद नया फ्लैट दिया जाएगा।

मूल आवंटियों को मिलेंगे मौजूदा मकानों से 20 प्रतिशत बड़े फ्लैट

पुनर्विकास योजना के तहत पात्र मूल आवंटियों को नए आवास में अतिरिक्त जगह का लाभ भी मिलेगा। नीति के प्रावधानों के अनुसार, उन्हें मौजूदा फ्लैट के मुकाबले 20 प्रतिशत बड़े आकार के नए फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।

हाउसिंग बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने सभी निवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा का पालन करते हुए 13 नवंबर तक अपने मकान खाली कर दें। अधिकारियों के मुताबिक, तय समय के बाद मकान खाली नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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