
पटना: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग में करीब 11 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। इन रिक्तियों को भरने के लिए नवंबर 2026 में अलग-अलग विज्ञापन जारी किए जाएंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत यह बहाली की जाएगी। इसमें स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) समेत कई अन्य पद शामिल हैं।
इन पदों पर सबसे ज्यादा होंगी नियुक्तियां
राज्य स्वास्थ्य समिति के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस भर्ती अभियान में सबसे अधिक नियुक्तियां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पदों पर की जाएंगी। पदों के अनुसार रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है।
- सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) – 5000 पद
- स्टाफ नर्स – 3954 पद
- लैब टेक्नीशियन – 1000 पद
- अन्य पद – शेष रिक्तियां
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान इस भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवंबर में अलग-अलग पदों के लिए विज्ञापन जारी करने की तैयारी है।
स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की कमी से प्रभावित हो रहीं सेवाएं
राज्य के जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दूसरे काम प्रभावित हो रहे हैं। पंचायत स्तर पर संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी नहीं होने से जांच और उपचार की व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराने में भी मुश्किलें आ रही हैं।
मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ रहा काम का दबाव
स्वास्थ्य विभाग में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से अस्पतालों में कार्यरत नर्सों और तकनीशियनों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां आ गई हैं। इसका असर मरीजों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराने पर पड़ रहा है। वहीं, लैब टेक्नीशियनों की कमी के कारण जरूरी चिकित्सकीय जांच और उनकी रिपोर्ट तैयार करने में भी देरी हो रही है।
मेडिकल कॉलेजों में ट्रॉमा सेंटर विकसित करने का निर्देश
इधर, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी ने सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा विकसित करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन मामलों में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।



