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इजरायल को हर साल मिलने वाले 3.8 अरब डॉलर पर ट्रंप का बड़ा फैसला! अमेरिका बंद करेगा आर्थिक मदद, हथियारों की बिक्री रहेगी जारी

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को दी जाने वाली सालाना आर्थिक सहायता बंद करने का ऐलान किया है। मध्यावधि चुनाव के बीच ट्रंप ने कहा कि इस साल के अंत तक अमेरिका इजरायल को हर साल मिलने वाली करीब 4 अरब डॉलर की वित्तीय मदद रोक देगा। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ सहमति बन गई है। हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिका इजरायल को हथियारों की बिक्री जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर उसकी मदद भी करेगा।

नेतन्याहू के साथ बनी सहायता बंद करने पर सहमति

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘फॉक्स एंड फ्रेंड्स’ में कहा कि इजरायल को अब अमेरिकी वित्तीय सहायता की जरूरत नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि साल के अंत तक इस मदद को बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि दिसंबर तक मौजूदा फंडिंग व्यवस्था को किस तरह समाप्त किया जाएगा।

ट्रंप का कहना है कि आर्थिक सहायता बंद होने के बावजूद इजरायल को जरूरत पड़ने पर अमेरिका का समर्थन मिलता रहेगा। इसके अलावा अमेरिकी हथियारों की बिक्री भी जारी रहेगी। इस फैसले को दोनों देशों के दशकों पुराने सैन्य और आर्थिक संबंधों में संभावित बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

सितंबर 2028 तक लागू है मौजूदा सैन्य सहायता समझौता

अमेरिका और इजरायल के बीच मौजूदा समझौता सितंबर 2028 तक लागू है। इसके तहत अमेरिका हर साल इजरायल को करीब 3.8 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देता है। ऐसे में ट्रंप का इस साल के अंत तक मदद बंद करने का ऐलान मौजूदा समझौते की समयसीमा से पहले आया है। हालांकि, इसे लागू करने की प्रक्रिया और समझौते में संभावित बदलाव को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

अमेरिका में इजरायल को मदद देने पर बढ़ रही आलोचना

ट्रंप का यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका के भीतर इजरायल को दी जाने वाली सहायता को लेकर बहस तेज है। डेमोक्रेट्स गाजा में इजरायल के सैन्य अभियानों की आलोचना करते रहे हैं। वहीं, अमेरिकी जनमत सर्वेक्षणों में भी इजरायल के प्रति समर्थन में कमी के संकेत मिले हैं।

अमेरिका में कई लोगों का मानना है कि मध्य पूर्व में इजरायल को जरूरत से ज्यादा आर्थिक और सैन्य मदद दी जा रही है। जून में क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी के एक सर्वे में 48 प्रतिशत अमेरिकी मतदाताओं और 66 प्रतिशत डेमोक्रेट्स ने माना था कि अमेरिका इजरायल का जरूरत से ज्यादा समर्थन कर रहा है।

मध्यावधि चुनाव के बीच ट्रंप के ऐलान के राजनीतिक मायने

ट्रंप की यह घोषणा अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के दौरान आई है। ऐसे समय में उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सामने प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का नियंत्रण गंवाने का खतरा भी बना हुआ है।

इजरायल को अमेरिकी मदद देने के मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी को विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ता रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि सहायता बंद करने से उन डेमोक्रेट्स के तर्क कमजोर हो सकते हैं, जो इजरायल को अमेरिकी वित्तीय मदद जारी रखने का विरोध करते हैं।

फिलहाल ट्रंप के ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सितंबर 2028 तक लागू मौजूदा समझौते के बावजूद अमेरिका इस साल के अंत तक सहायता बंद करने की प्रक्रिया कैसे पूरी करेगा। इस पर दोनों देशों की ओर से आगे आने वाले फैसलों पर नजर रहेगी।

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