होर्मुज में दो तेल टैंकरों में धमाके का ईरान का दावा, पाकिस्तानी LNG जहाज पर भी हमला; 6 भारतीयों समेत 25 लोग थे सवार

तेहरान: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ता जा रहा है। कतर से पाकिस्तान जा रहे एलएनजी जहाज ‘अल मयेडा’ पर प्रक्षेपास्त्र से हमला होने के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दो तेल टैंकरों में धमाके होने का दावा किया है। इनमें एक विशाल सुपरटैंकर भी शामिल बताया गया है, जिसमें विस्फोट के बाद आग लग गई। ईरानी नौसेना का आरोप है कि दोनों जहाजों ने अपनी पहचान और दिशा बताने वाले तंत्र बंद कर रखे थे।
ईरान की मंजूरी के कुछ घंटे बाद पाकिस्तानी जहाज पर हमला
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने कतर से एलएनजी लेकर आ रहे जहाज ‘अल मयेडा’ को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने के लिए ईरान से बातचीत की थी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने शुक्रवार को जहाज को आगे बढ़ने की अनुमति दी थी। लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही उस पर हमला हो गया।
मार्शल आइलैंड के झंडे वाला यह जहाज कतर से तरलीकृत प्राकृतिक गैस लेकर पाकिस्तान जा रहा था। हमले के बाद जहाज ने अपना रास्ता बदल लिया और फारस की खाड़ी की ओर लौट गया। समुद्री जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले आंकड़ों में भी इसकी पुष्टि हुई है।
जहाज पर 25 लोग सवार, छह भारतीय भी शामिल
केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि जहाज को प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि जहाज पर सवार सभी 25 लोग सुरक्षित हैं। इनमें छह भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
हालांकि, मंत्री ने हमले की जगह और इसके पीछे जिम्मेदार पक्ष के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। जहाज की संचालक कंपनी कतर गैस ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड (नकिलात) ने रविवार को बताया कि जहाज काम करने की स्थिति में है और उसकी जांच की जा रही है।
दो तेल टैंकरों के समुद्री माइंस से टकराने का दावा
पाकिस्तानी एलएनजी जहाज पर हमले के बाद ईरान की IRGC नौसेना ने दो तेल टैंकरों में धमाके होने की जानकारी दी। उसके मुताबिक, दोनों टैंकर ऐसे समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जिसे ईरान ने अधिकृत नहीं किया था। इसी दौरान वे समुद्री माइंस से टकरा गए और उनमें विस्फोट हो गया।
ईरानी नौसेना ने दावा किया कि इनमें एक विशाल सुपरटैंकर भी शामिल था, जिसमें जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। बयान के अनुसार, दोनों जहाजों को घटनास्थल पर ही रोक दिया गया। हालांकि, इन जहाजों के नाम, उनके झंडे, चालक दल की स्थिति और नुकसान की वास्तविक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
नेविगेशन सिस्टम बंद करने का आरोप
IRGC नौसेना ने आरोप लगाया कि दोनों तेल टैंकरों ने अपने नेविगेशन और पहचान तंत्र बंद कर रखे थे। ईरानी पक्ष का दावा है कि वे अमेरिकी सैन्य बलों की मदद से गुप्त तरीके से समुद्री रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कतर ने जांच और कार्रवाई की बात कही
पाकिस्तानी जहाज पर हमले के बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि वह अपने संसाधनों, जहाजों और चालक दल की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत जरूरी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। कतर ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा रहा है।
पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ सकता है दबाव
इन घटनाओं से पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। पाकिस्तान पिछले कई महीनों से ऊर्जा की कमी का सामना कर रहा है और कतर से आने वाली एलएनजी उसके लिए महत्वपूर्ण है। यदि ‘अल मयेडा’ गैस लेकर पाकिस्तान नहीं पहुंच पाता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय खुले बाजार से एलएनजी खरीदनी पड़ सकती है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध से पहले की तुलना में खुले बाजार में एलएनजी की कीमतें तीन गुना से अधिक हो चुकी हैं। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव पाकिस्तान के लिए ऊर्जा संकट को और गंभीर बना सकता है।



