अमेरिका में भीषण विमान हादसा, आसमान से मिसाइल की तरह गिरा लियरजेट 60; आग की लपटों में घिरा विमान, 9 लोगों की मौत

नई दिल्ली: अमेरिका के फ्लोरिडा में एक भीषण विमान हादसे ने लोगों को दहला दिया। टेक्सास के ऑस्टिन से बहामास जा रहा लियरजेट 60 विमान रविवार को दक्षिण फ्लोरिडा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी नौ लोगों की मौत हो गई। हादसे का सामने आया वीडियो बेहद भयावह है, जिसमें विमान आसमान से तेज रफ्तार में नीचे गिरता और जमीन से टकराते ही आग के गोले में तब्दील होता दिखाई दे रहा है।
मिसाइल की तरह नीचे गिरा विमान, सड़क पर बना बड़ा गड्ढा
हादसे का वीडियो सड़क पर चल रही कारों में सवार लोगों ने भी रिकॉर्ड किया। फुटेज में विमान तेजी से नीचे आता दिखाई देता है और जमीन से टकराते ही जोरदार धमाके के साथ उसमें आग लग जाती है। दुर्घटनास्थल पर विमान का मलबा दूर-दूर तक बिखर गया और सड़क के किनारे बड़ा गड्ढा बन गया। कुछ ही देर में पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया।
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने हादसे की भयावहता का जिक्र करते हुए कहा कि विमान आसमान से किसी मिसाइल की तरह नीचे गिरता दिखाई दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जमीन पर बड़ा गड्ढा बन गया और विमान के टुकड़े काफी दूर तक फैल गए। विमान घरों से टकराने से बच गया, लेकिन एक व्यस्त सड़क के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
ऑस्टिन से बहामास जा रहा था लियरजेट 60
अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने हादसे की पुष्टि की। उनके मुताबिक, लियरजेट 60 विमान टेक्सास के ऑस्टिन से बहामास की ओर जा रहा था। विमान में कुल नौ लोग सवार थे और दुर्घटना के बाद लगी आग में सभी की मौत हो गई।
संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) दुर्घटना की जांच कर रहे राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड की मदद के लिए एक टीम भेज रहा है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि विमान अचानक नीचे क्यों गिरा और हादसे के पीछे क्या कारण थे।
खराब मौसम और विमान पर बर्फ जमने की सूचना
हवाई यातायात नियंत्रण की रिकॉर्डिंग और विमान की उड़ान से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, विमान करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई पर पूर्व दिशा की ओर उड़ रहा था। इसी दौरान पायलट ने खराब मौसम, विमान पर बर्फ जमने और तेज वायु अशांति की जानकारी दी।
पायलट ने हवाई यातायात नियंत्रण से विमान को दो हजार फीट और ऊपर ले जाने की अनुमति मांगी थी। उसने बताया कि विमान पर हल्की पारदर्शी बर्फ जम रही थी और हल्की वायु अशांति महसूस हो रही थी। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद हालात तेजी से बिगड़ने लगे और विमान की ऊंचाई अचानक कम होने लगी।
हर मिनट 30 हजार फीट तक गिरने लगी विमान की ऊंचाई
उड़ान से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खोना शुरू कर दिया। शुरुआती गिरावट की दर करीब 10 हजार फीट प्रति मिनट थी, जो बाद में बढ़कर 20 हजार और फिर 30 हजार फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई।
इस दौरान विमान की गति उसकी निर्धारित डिजाइन सीमा से भी अधिक हो गई। पायलट ने आपात संदेश भेजकर बताया कि विमान बेहद तेजी से नीचे की ओर जा रहा है। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी और विमान को संभालने की कोशिश की जा रही थी।
‘मेडे, मेडे’ कहकर मांगी मदद, पायलट का आखिरी संदेश
हवाई यातायात नियंत्रण की रिकॉर्डिंग के मुताबिक, विमान के तेजी से नीचे गिरने के दौरान पायलट ने ‘मेडे, मेडे’ कहकर आपात सहायता मांगी। यह विमानन क्षेत्र में गंभीर संकट की स्थिति में इस्तेमाल किया जाने वाला आपात संदेश है।
आखिरी रेडियो संदेश में पायलट ने विमान के जमीन से टकराने की आशंका भी जताई थी। इसके कुछ ही पल बाद विमान तेजी से दाईं ओर मुड़ा और जमीन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर के साथ ही विमान में आग लग गई और पूरा घटनास्थल धुएं से भर गया।
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। खराब मौसम, विमान पर बर्फ जमने और वायु अशांति की सूचना सामने आई है, लेकिन दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



