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किसी के साथ शेयर न करें अपना टूथब्रश, गंभीर संक्रमण का बन सकता है कारण; जानें मेनिन्जाइटिस के लक्षण

नई दिल्ली: रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें भी संक्रमण फैलने का कारण बन सकती हैं। टूथब्रश ऐसी ही एक वस्तु है, जिसे कभी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से मुंह में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच सकते हैं। मेनिन्जाइटिस भी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली झिल्लियों में सूजन आ जाती है। इन झिल्लियों को मेनिन्जेस कहा जाता है।

मेनिन्जाइटिस होने पर तेज सिरदर्द, बुखार और गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में यह बीमारी गंभीर रूप भी ले सकती है। ऐसे में इसके कारण, शुरुआती संकेत और बचाव के तरीके जानना जरूरी है।

क्या है मेनिन्जाइटिस और कैसे फैलता है संक्रमण?

मेनिन्जाइटिस मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास मौजूद झिल्लियों में सूजन की स्थिति है। यह बीमारी बैक्टीरिया, वायरस और कुछ अन्य संक्रमणों के कारण हो सकती है। बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस में बैक्टीरिया खून के जरिए मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास की झिल्लियों तक पहुंच सकते हैं।

कुछ मामलों में साइनस संक्रमण और निमोनिया से जुड़े बैक्टीरिया भी इसकी वजह बन सकते हैं। बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस गंभीर हो सकता है और इसके लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

क्रोनिक मेनिन्जाइटिस लंबे समय तक रह सकता है

क्रोनिक मेनिन्जाइटिस में बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और यह लंबे समय तक बनी रह सकती है। माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी का बैक्टीरिया भी इसका कारण बन सकता है। यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास की झिल्लियों को प्रभावित करता है।

क्रोनिक मेनिन्जाइटिस के लक्षण विकसित होने में दो सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। कुछ वायरस और अन्य संक्रमण भी लंबे समय तक रहने वाली इस बीमारी की वजह बन सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान संक्रमण से भी हो सकता है खतरा

मेनिन्जाइटिस के कई संभावित कारण होते हैं। गर्भावस्था के दौरान मां को कुछ संक्रमण होने पर उनका असर बच्चे तक पहुंच सकता है। हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस, एचआईवी, मम्प्स वायरस और वेस्ट नाइल वायरस जैसे संक्रमण भी मेनिन्जाइटिस से जुड़े हो सकते हैं।

मेनिन्जाइटिस के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

मेनिन्जाइटिस होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • तेज बुखार
  • लगातार या गंभीर सिरदर्द
  • गर्दन में अकड़न
  • उल्टी या जी मिचलाना
  • दौरे पड़ना
  • भूख कम लगना
  • संक्रमण के कारण मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास सूजन

इनमें से कुछ लक्षण दूसरी बीमारियों में भी दिखाई दे सकते हैं। लेकिन तेज बुखार, सिरदर्द और गर्दन में अकड़न एक साथ होने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस में इलाज में देरी खतरनाक हो सकती है।

मेनिन्जाइटिस से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

मेनिन्जाइटिस और दूसरे संक्रमणों से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। कुछ आदतें संक्रमण फैलने का खतरा कम कर सकती हैं।

  • नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं।
  • खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
  • किसी दूसरे व्यक्ति का टूथब्रश इस्तेमाल न करें और अपना टूथब्रश भी साझा न करें।
  • खाने-पीने के बर्तन और निजी इस्तेमाल की वस्तुएं साझा करने से बचें।
  • खांसने, छींकने और चुंबन के जरिए फैलने वाले संक्रमणों से बचाव के लिए सावधानी रखें।
  • बच्चों का टीकाकरण समय पर करवाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी टीके लगवाएं।

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