
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उनसे पार्टी की फंडिंग को लेकर सवाल किया गया। जवाब में दीपके ने कहा कि पार्टी को मिलने वाली फंडिंग और चुनाव आयोग से जुड़े उनके आरोपों के बीच क्या संबंध है। उन्होंने सवाल उठाया कि फंडिंग की जानकारी सार्वजनिक करने से चुनाव व्यवस्था कैसे ठीक हो जाएगी। फंडिंग के सवाल पर उन्होंने अपने महंगे जूतों और विदेश यात्रा का भी जिक्र किया।
कॉकरोच जनता पार्टी ने 2 अक्टूबर से मुंबई में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से इसे जेल भरो आंदोलन बताया गया है। हालांकि, मुंबई पुलिस की अनुमति को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस ने शिवाजी पार्क में आयोजन की अनुमति नहीं दी थी और इसके लिए क्षेत्र से जुड़े न्यायिक आदेश तथा साइलेंस जोन के नियमों का हवाला दिया गया था। दीपके ने इसके बावजूद आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
फंडिंग पर सवाल, दीपके ने पूछा- इसका चुनाव से क्या संबंध?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब दीपके से पूछा गया कि जिस तरह वह चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, उसी तरह क्या वह अपनी पार्टी की फंडिंग का स्रोत भी सार्वजनिक कर सकते हैं, तो उन्होंने सवाल को ही गैरजरूरी बताया।
उन्होंने कहा कि अगर पार्टी को मिलने वाली फंडिंग की जानकारी सार्वजनिक कर भी दी जाए तो इससे चुनाव कैसे ठीक हो जाएंगे। दीपके ने फंडिंग और चुनाव आयोग से जुड़े उनके आरोपों के बीच संबंध पर सवाल उठाया।
30 हजार के जूतों का जिक्र कर दिया जवाब
आंदोलन आयोजित करने के लिए संसाधन कहां से आ रहे हैं, इस सवाल पर दीपके ने अपने जूतों की कीमत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 30 हजार रुपये के जूते पहनते हैं और उन्हें यह बताने में कोई शर्म नहीं है।
उन्होंने अमेरिका जाने और वहां से भारत लौटकर अलग-अलग राज्यों में यात्रा करने का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि अगर वह अमेरिका जाने वाली फ्लाइट ले सकते हैं तो मुंबई से दिल्ली तक भी यात्रा कर सकते हैं।
आंदोलन को कई शहरों तक ले जाने का ऐलान
फंडिंग का सवाल ऐसे समय उठा है जब कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से उनकी मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों में बदलाव शामिल हैं।
दीपके ने मुंबई के बाद आंदोलन को दूसरे शहरों तक ले जाने की बात कही है। रिपोर्टों के मुताबिक गोवा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन की योजना है। अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की बात भी कही गई है।
मरीन ड्राइव पर हिरासत में लिए गए थे दीपके
इससे पहले 1 अक्टूबर को दीपके को मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में समर्थकों के साथ तख्तियां लेकर मौजूद रहने के बाद पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक उन्हें मरीन ड्राइव थाने ले जाया गया और कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। यह कार्रवाई 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई थी।
दीपके ने पहले भी पार्टी के आंदोलन के लिए व्यक्तिगत खर्च और समर्थकों के सहयोग की बात कही है। जून 2026 में एक बातचीत के दौरान उन्होंने यात्रा का खर्च खुद उठाने और अलग-अलग जगहों पर स्थानीय लोगों तथा समर्थकों की ओर से सहयोग मिलने की बात कही थी।
फंडिंग और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल बरकरार
इस तरह आंदोलन से पहले पार्टी की फंडिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके ने अपनी व्यक्तिगत आर्थिक क्षमता और यात्रा से जुड़े उदाहरण दिए। हालांकि, पार्टी की वित्तीय व्यवस्था और आंदोलन के खर्च के स्रोत को लेकर सार्वजनिक चर्चा जारी है।



