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आखिर क्यों भड़के बीसीसीआई सचिव जय शाह, जानें वजह

स्पोर्ट्स डेस्क : 60 आईपीएल मुकाबलों और 2000 से ज्यादा घरेलू मैच के मेजबानी को बड़ा अंतर बताते हुए बीसीसीआई सचिव जय शाह ने बोर्ड की अनुचित आलोचना करने वालों को जवाब दिया. उन्होंने उन बेबुनियाद बातों और दावों को खारिज किया कि बोर्ड ने रणजी ट्रॉफी जैसे राष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर पैसों की कमाई वाले आयोजन यानी आइपीएल को प्राथमिकता दी.

पिछले वर्ष रणजी ट्रॉफी के साथ जूनियर क्रिकेट की मेजबानी कोरोना की वजह से नहीं हुई थी. हालांकि इससे बीच घरेलू प्लेयर्स की आमदनी रुक गई, बीसीसीआई ने आईपीएल आयोजित कराया तो बोर्ड को आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसका जवाब जय शाह ने दिया है.

उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में हजारों प्लेयर्स और सहयोगी कर्मचारियों के लिए जैव-सुरक्षित वातावरण बनाना और उसका परिचालन कठिन था. इसी वजह से पिछले सत्र में कुछ ही राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेले गए थे. उन्होंने कहा कि आईपीएल हमेशा सात सप्ताह का होता है, वही पुरुषों, महिलाओं और आयु वर्ग के क्रिकेट के साथ पूरे घरेलू सत्र में 38 टीमों के साथ पूरा होने में लगभग छह महीने लगते हैं.

गल्फ न्यूज से उन्होंने बोला कि, जो इस टाइम मस्कट और दुबई में आईपीएल 2021 के बाकी बचे मैच और टी20 विश्वकप की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं. उन्होंने बोला कि 2020 में हमने सभी सावधानी के साथ सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट, विजय हजारे टूर्नामेंट और सीनियर महिला एक दिवसीय टूर्नामेंट की मेजबानी की.

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उन्होंने बोला कि आईपीएल में एक फ्रेंचाइजी मॉडल और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के लिए एक मंच है, जहां वो आकर अपना कौशल दिखा सकते हैं. भारतीय घरेलू सत्र में 2000 से ज्यादा मैच होते हैं, वही आईपीएल में 60 मैच हैं. भारत जितना बड़ा और विविधतापूर्ण क्रिकेट सेट-अप है, उस लिहाज से पूरे सत्र का संचालन करना आसान नहीं है.

जय शाह ने आगे बोला कि आपको पूरे घरेलू सीजन और इसमें शामिल यात्रा में लगने वाले समय को भी ध्यान में रखना होगा. उन्होंने कहा कि हमने पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए आयु समूहों में 2127 घरेलू खेलों के पूरे सीजन का ऐलान किया.

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