उत्तर प्रदेशराज्य

गाजियाबाद में जनगणना 2027 को लेकर सख्ती: डीएम का आदेश जारी, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, कर्मचारियों को अन्य कामों से मिलेगा छुटकारा

गाजियाबाद में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रथम चरण में मकानों के सूचीकरण कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी की ओर से सभी विभागों को आदेश भेजकर जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है।

जनगणना कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश
आदेश के अनुसार जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके अन्य विभागीय कार्यों से मुक्त रखा जाएगा, ताकि वे पूरी तरह इस महत्वपूर्ण कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें। प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्य समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

प्रशिक्षण और बैठकों में उपस्थिति अनिवार्य
जिला प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि जनगणना कार्य में तैनात सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण, बैठकों और संबंधित गतिविधियों में समय से भाग लें। किसी भी स्तर पर देरी या अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा जनगणना कार्य में लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित विभागाध्यक्ष को भी जिम्मेदार माना जाएगा और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।

विभागाध्यक्षों की भी तय होगी जवाबदेही
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके साथ-साथ संबंधित विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी तय होगी। प्रशासन ने इसे गंभीर विषय मानते हुए किसी भी तरह की ढिलाई को स्वीकार न करने का संकेत दिया है।

महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को लेकर सख्त प्रशासनिक रुख
जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य को समय पर और सही तरीके से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मकानों के सूचीकरण से शुरू होने वाला यह चरण आगामी जनगणना प्रक्रिया की नींव माना जा रहा है।

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