हाईकोर्ट के आदेश के बाद खुले इमामबाड़े में उमड़ा जनसैलाब, सरकारी ताजिये को सलामी के बीच बवाल; मामला दर्ज

धार: इंदौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद धार शहर के ऐतिहासिक इमामबाड़े का ताला खुलते ही मोहर्रम पर्व को लेकर उत्साह और धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला। देर रात पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने इमामबाड़े के ताले खोलकर चाबी ताजिया कमेटी के सदर को सौंपी, जिसके बाद बड़ी संख्या में समाजजन सरकारी ताजिये के दीदार के लिए परिसर पहुंचे। हालांकि धार्मिक आयोजनों के बीच देर रात एक विवाद ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जिसमें एक अधेड़ व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना सामने आई।
ताला खुलते ही शुरू हुई धार्मिक गतिविधियां
कोर्ट के आदेश के बाद इमामबाड़ा खुलते ही समाज के लोगों ने परिसर की साफ-सफाई कर पारंपरिक सरकारी ताजिया स्थापित किया। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए देश और समाज में अमन-चैन की दुआ मांगी।
देर रात शहर के विभिन्न इलाकों से अखाड़े इमामबाड़ा पहुंचे, जहां पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया। अखाड़ों ने सरकारी ताजिये को सलामी दी और धार्मिक कार्यक्रम देर रात तक चलते रहे।
ताजिया निकालने को लेकर विवाद, अधेड़ पर हमला
धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान ताजिया निकालने की बात को लेकर मुस्लिम समाज के दो पक्षों में विवाद हो गया। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला इतना बढ़ गया कि कुछ युवकों ने नियाज मोहम्मद उर्फ सन्नू चाचा नामक अधेड़ व्यक्ति के साथ हाथापाई और मारपीट कर दी।
घटना के दौरान मौजूद पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और विवाद को आगे बढ़ने से रोक दिया।
पांच आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज
मारपीट की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने नियाज मोहम्मद की रिपोर्ट पर शाबीर, इस्लामुद्दीन उर्फ दद्दू तथा उनके तीन अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा
घटनाक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। कलेक्टर राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी देर रात तक इमामबाड़ा परिसर में मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इमामबाड़ा परिसर और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
आज निकलेगा मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस
मोहर्रम के अंतिम दिन शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पारंपरिक ताजिए, अखाड़े और मन्नत के ताजिए इमामबाड़ा परिसर में एकत्रित होंगे। इसके बाद विशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए देर रात कर्बला पहुंचेगा। धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संपन्न होने के साथ मोहर्रम पर्व का समापन होगा।
मनावर में भी दिखी मोहर्रम की रौनक
धार जिले के मनावर नगर में भी मोहर्रम पर्व के अवसर पर गुरुवार रात विशेष आयोजन हुए। विभिन्न मोहल्लों और निर्माण स्थलों से ताजियों को बाहर निकालकर बैंड-बाजों के साथ नाला प्रांगण तक लाया गया। देर रात तीन बजे तक कई ताजिए निर्धारित स्थानों पर स्थापित किए गए, जबकि कुछ ताजियों का नगर भ्रमण भी कराया गया।
गांधी नगर, तिलक मार्ग, शिक्षक कॉलोनी, आजाद मार्ग और जूनी मनावर समेत कई क्षेत्रों में आकर्षक नक्काशी वाले ताजिए लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बड़े घोड़ेवाले, कदमीकाम, बस स्टैंड ताजिया और दुलदुलों के ताजिए विशेष रूप से चर्चाओं में रहे।
आशूरा की नमाज और ताजियों का नगर भ्रमण
समाजजनों के अनुसार मोहर्रम का पर्व 11 दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें इस्लामी कैलेंडर की 9, 10 और 11 तारीख विशेष महत्व रखती हैं। शुक्रवार को आशूरा के अवसर पर मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद शाम को ताजियों का नगर भ्रमण होगा और रविवार को धार्मिक परंपराओं के अनुसार उनका विसर्जन किया जाएगा।
इन दिनों विभिन्न मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में शरबत वितरण और खिचड़ा भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है। मोहर्रम के दौरान समुदाय इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में दी गई शहादत को याद करता है और उसी स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।



