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आजाद अधिकार सेना ने की बुलंदशहर NHM के आशा प्रतिपूर्ति घोटाल मामले में CBI जांच की मांग

भुगतान कसेरकला, शिकारपुर, ऊंचागांव, स्याना, मालागढ़ तथा लखावटी विकास खंडों में किया गया।

Bulandsahar News: आजाद अधिकार सेना ने बुलंदशहर NHM के 58.94 लाख रुपये के आशा प्रतिपूर्ति घोटाले में CBI/EOW/विजिलेंस जांच व FIR की मांग की है। इसके लिए मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी गई है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को विस्तृत शिकायत प्रेषित कर जनपद बुलंदशहर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत आशा प्रतिपूर्ति मद में 58,94,532 रुपये की वित्तीय अनियमितता की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW), उत्तर प्रदेश अथवा उत्तर प्रदेश विजिलेंस से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराए जाने तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर कठोर विधिक एवं विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
एनएचएम में हुए घोटाले में वित्तीय अनियमितता
शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मेरठ मंडल के रीजनल मैनेजर (कम्युनिटी प्रोसेस) द्वारा 18 जून 2024 को जारी पत्रांक RAC/NHM/Ayushman Arogya Mandir/2024-25/99 में बुलंदशहर जनपद के छह विकास खंडों में BCPM-MIS Portal पर NCD Screening (CBAC Form) का रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को 58.94 लाख रुपये का भुगतान किए जाने को गंभीर वित्तीय अनियमितता के रूप में चिन्हित किया गया था।
कई आशा कार्यकर्ताओं से भुगतान की गई धनराशि वापस ली
शिकायत के अनुसार यह भुगतान कसेरकला, शिकारपुर, ऊंचागांव, स्याना, मालागढ़ तथा लखावटी विकास खंडों में किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई आशा कार्यकर्ताओं से भुगतान की गई धनराशि वापस ली गई तथा उसका एक हिस्सा विभिन्न GST पंजीकृत फर्मों में स्थानांतरित किया गया। इन तथ्यों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई है।
प्रशासनिक जवाबदेही और जांच प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न
देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि संबंधित पत्र जारी होने के लगभग दो वर्ष बाद भी न तो इस प्रकरण की प्रभावी जांच पूरी की गई, न सरकारी धन की रिकवरी सुनिश्चित की गई और न ही दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कोई आपराधिक अथवा विभागीय कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी अवधि तक कार्रवाई न होना पूरे प्रकरण में प्रशासनिक जवाबदेही और जांच प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
GST पंजीकृत फर्मों से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि जांच के दौरान BCPM-MIS Portal, CBAC Form, संबंधित बैंक खातों, भुगतान अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन तथा GST पंजीकृत फर्मों से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच कराई जाए। जांच में जिन अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आए, उनके विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए तथा सरकारी धन की पूर्ण रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
दोषी व्यक्तियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए
देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाने का दावा करती है। ऐसे में इस गंभीर प्रकरण में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्रवाई कर दोषी व्यक्तियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस संबंध में शिकायत की प्रति DGP उत्तर प्रदेश, EOW, CBI, आयुक्त मेरठ मंडल, ADG मेरठ जोन, DIG मेरठ रेंज, NHM के वरिष्ठ अधिकारियों, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी बुलंदशहर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

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