भोपाल के बुजुर्ग से 3.91 करोड़ की ठगी, शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने बिछाया जाल

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। चूना भट्टी क्षेत्र में रहने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग को शेयर बाजार और आईपीओ में कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने करीब 3.91 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने फेसबुक विज्ञापन, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और नकली सेबी पंजीयन प्रमाण पत्र के जरिए पहले विश्वास जीता और फिर अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करा लिए।
फेसबुक विज्ञापन से हुई शुरुआत
पीड़ित के अनुसार, 29 मई को फेसबुक पर मिले एक विज्ञापन लिंक के जरिए उनकी ठगों से पहचान हुई। इसके बाद ‘अनन्या कुलकर्णी’ नाम बताने वाली एक युवती ने फोन कर खुद को फिनसोल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड की अधिकारी बताया। उसने ‘सारथी प्लान’ के नाम पर निवेश करने और कई सौ गुना तक मुनाफा मिलने का दावा किया। भरोसा बनने के बाद बुजुर्ग ने निवेश शुरू कर दिया। आरोपियों ने उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर निवेश और बढ़ते मुनाफे का रिकॉर्ड भी दिखाया, जिससे उन्हें पूरा निवेश वास्तविक लगने लगा।
करीब एक महीने में ट्रांसफर कर दिए 3.91 करोड़ रुपये
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 11 जून से 9 जुलाई के बीच पीड़ित ने अपने विभिन्न बैंक खातों से आरटीजीएस और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 3 करोड़ 91 लाख रुपये आरोपियों के खातों में भेज दिए। इस दौरान ठग लगातार भारी रिटर्न का भरोसा दिलाते रहे और निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित करते रहे।
फर्जी ऐप में दिखाए 62 अरब से ज्यादा रुपये
ठगी का खुलासा तब हुआ जब फर्जी ट्रेडिंग ऐप में पीड़ित के निवेश खाते में 62 अरब 31 करोड़ रुपये की राशि दिखाई गई। इतनी बड़ी रकम देखकर उन्हें लगा कि उनका निवेश कई गुना बढ़ चुका है। लेकिन जब उन्होंने यह राशि निकालने की कोशिश की तो नया बहाना सामने आया।
रकम निकालने के नाम पर मांगा 20 फीसदी टैक्स
आरोपियों ने बुजुर्ग से कहा कि निवेश की राशि निकालने से पहले कुल रकम का 20 प्रतिशत टैक्स या प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। लगातार अतिरिक्त पैसे की मांग और भुगतान के बावजूद राशि नहीं मिलने पर उन्हें ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे जीता भरोसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के साथ नकली सेबी पंजीयन प्रमाण पत्र का भी इस्तेमाल किया। शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का झांसा देकर निवेश को पूरी तरह वैध दिखाया गया। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते, ऑनलाइन लेनदेन और फर्जी ट्रेडिंग ऐप से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।



