पंजाब

चंडीगढ़ में कारोबारी के घर ED की बड़ी कार्रवाई, जमीन घोटाले और फर्जीवाड़े के आरोपों पर छापेमारी तेज

चंडीगढ़: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित एक रियल एस्टेट कारोबारी के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई जमीन सौदे में कथित धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और करोड़ों रुपये के निवेश विवाद से जुड़े मामले में की गई। जांच एजेंसी की टीम सुबह करीब 7 बजे कारोबारी प्रवीण कांसल उर्फ रॉकी के घर पहुंची और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की।

जानकारी के मुताबिक, प्रवीण कांसल जीरकपुर में विकसित एक बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं। उन पर आरोप है कि न्यू चंडीगढ़ इलाके में जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान अपने ही बिजनेस पार्टनर के साथ कथित धोखाधड़ी की गई। मामला उस समय सामने आया जब कारोबारी के साझेदार प्यारेलाल गर्ग ने वर्ष 2023 में विजिलेंस विभाग को शिकायत सौंपी थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये लगवाने के बाद जमीन का मालिकाना हक कथित रूप से गलत तरीके से बदल दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि भरोसे में लेकर जमीन की रजिस्ट्री दूसरे नामों पर करवा दी गई और पूरे सौदे में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

फर्जी दस्तावेज और तहसीलदार की मिलीभगत के आरोप

मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि तत्कालीन तहसीलदार की कथित मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन का ट्रांसफर किया गया। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसियां लंबे समय से पूरे मामले की पड़ताल कर रही थीं। अब ED की एंट्री के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है।

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से संबंधित सबूत जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों की टीम विभिन्न फाइलों और डिजिटल डेटा की जांच कर रही है, ताकि कथित वित्तीय अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

विजिलेंस ब्यूरो ने पहले ही दर्ज किया था केस

बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता के आरोपों के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो ने पहले ही प्रवीण कांसल और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया था। शिकायत में कहा गया था कि जमीन सौदे के दौरान विश्वास तोड़कर कथित तौर पर संपत्ति को गलत तरीके से अपने नाम करवाया गया।

सूत्रों की मानें तो शुरुआती जांच में कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद केस को आगे बढ़ाया गया। बाद में राजस्व विभाग से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने पर जांच एजेंसियों ने मामले को दोबारा सक्रिय किया और नए सिरे से कार्रवाई शुरू की। इसी क्रम में अब ED ने भी जांच तेज कर दी है।

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