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खुले तेल की बिक्री पर महाराष्ट्र में बड़ा एक्शन, उल्लंघन किया तो 7 साल तक की सजा; पूरी सप्लाई चेन पर कसा शिकंजा

मुंबई: महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल की बिक्री पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। खाद्य और औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने खुले तेल की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है। खाद्य तेल की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की बात कहते हुए उन्होंने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश का असर सिर्फ दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाद्य तेल की पूरी आपूर्ति श्रृंखला इसके दायरे में होगी।

जांच में सामने आईं कई गंभीर अनियमितताएं

महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर चलाए गए जांच अभियान के बाद यह फैसला लिया गया है। जांच के दौरान तेल में मिलावट, बिना लाइसेंस कारोबार, उत्पादों के लेबल से छेड़छाड़ और समाप्ति की तारीख नजदीक आने पर तेल की पैकेजिंग बदलने जैसी अनियमितताएं सामने आई थीं।

इन्हीं खामियों को देखते हुए खुले या बिना सील वाले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। तुकाराम मुंढे पहले भी लोगों से खुला तेल नहीं खरीदने की अपील कर चुके हैं और इसके संभावित जोखिमों के बारे में आगाह कर चुके हैं।

भ्रामक प्रचार करने वालों पर 10 लाख तक जुर्माना

खाद्य और औषधि प्रशासन आयुक्त ने खाद्य तेल से जुड़े भ्रामक प्रचार के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। गलत या भ्रामक प्रचार करने वालों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

मुंढे ने कहा है कि खाद्य तेल की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि इसका सीधा संबंध लोगों के रोजाना के भोजन से है।

खरीदारी से पहले तेल की पैकेजिंग जरूर जांचें

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को तेल खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि खुला या बिना सील वाला तेल असुरक्षित हो सकता है। ऐसे तेल पर बैच नंबर या उसके स्रोत से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं होती, जिससे किसी गड़बड़ी की स्थिति में उसके स्रोत का पता लगाना और कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है।

पैकेटबंद तेल खरीदते समय उपभोक्ताओं को लेबल, निर्माण की तारीख और समाप्ति की तारीख की जांच करनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि पैकेट सही तरीके से सील हो। पुरानी या पहले इस्तेमाल की जा चुकी पैकेजिंग में पैक किया गया तेल नहीं खरीदने की सलाह दी गई है।

तेल कारोबार से जुड़े सभी कारोबारियों पर लागू होगा आदेश

यह आदेश खाद्य तेल के कारोबार से जुड़े सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों पर लागू होगा। इसके दायरे में तेल निकालने वाली इकाइयां, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन इकाइयां, तेल मिश्रण करने वाली इकाइयां, पैकेजिंग इकाइयां, आयातक, सुपरमार्केट, ऑनलाइन मंच और खुदरा दुकानें शामिल हैं।

यानी खुले तेल की बिक्री पर रोक केवल खुदरा बाजार तक सीमित नहीं है। उत्पादन से लेकर पैकेजिंग, आयात, बिक्री और ऑनलाइन कारोबार तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला को नियमों का पालन करना होगा।

मूंगफली से लेकर मक्का तक कई तेल आदेश के दायरे में

खाद्य और औषधि प्रशासन के मुताबिक यह आदेश मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी, चावल की भूसी, पाम, नारियल और मक्का समेत कई खाद्य तेलों पर लागू होगा। विभाग का कहना है कि खाद्य तेल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है और यह लोगों के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

तुकाराम मुंढे ने मई में कार्यभार संभालने के बाद खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए पूरे महाराष्ट्र में प्रवर्तन अभियान शुरू किया है।

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