दिल्ली में EV क्रांति का बड़ा ऐलान: 1 जुलाई से लागू होगी नई पॉलिसी, 7000 करोड़ का निवेश और 100% टैक्स छूट का फायदा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि नई नीति को 1 जुलाई 2026 से लागू करने की तैयारी है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी और इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली को प्रदूषण मुक्त तथा स्वच्छ परिवहन वाली राजधानी के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के मामले में दिल्ली देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और नई नीति इस दिशा में एक और बड़ा कदम साबित होगी। उन्होंने बताया कि नीति के दायरे में दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और ग्रामीण सेवा वाहनों को शामिल किया गया है।
प्रदूषण कम करने पर रहेगा फोकस
दिल्ली सरकार के अनुसार नई ईवी नीति का प्रमुख लक्ष्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। परिवहन आयुक्त निहारिका राय ने बताया कि वर्ष 2018 में हुए एक अध्ययन के मुताबिक दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों से लगभग 33 प्रतिशत और दोपहिया-तिपहिया वाहनों से 67 प्रतिशत प्रदूषण होता था। इसी को ध्यान में रखते हुए नई नीति तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि जीरो एमिशन वाहनों को बढ़ावा देकर राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।
चार्जिंग नेटवर्क का होगा बड़ा विस्तार
नई नीति के तहत दिल्ली में बड़े पैमाने पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। शुरुआती चरण में प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे निजी स्तर पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की प्रक्रिया को आसान बनाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों।
सब्सिडी लेने वालों पर लागू होगी यह शर्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहन मालिकों को ईवी खरीद पर सब्सिडी मिलेगी, वे अपने वाहन का पंजीकरण तीन वर्ष तक किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित नहीं कर सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ वास्तविक रूप से दिल्ली के नागरिकों को मिले।
7000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
नई ईवी नीति के तहत अगले चार वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष सरकारी निवेश किया जाएगा। वहीं कर छूट, सब्सिडी और ईवी अवसंरचना समेत नागरिकों को कुल मिलाकर लगभग 15,000 करोड़ रुपये का समग्र लाभ मिलने का अनुमान है।
सरकार का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को भी गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट
नई पॉलिसी के तहत सभी शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी। चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह लाभ 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले वाहनों पर लागू होगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से इलेक्ट्रिक कारों और अन्य ईवी की खरीद को बढ़ावा मिलेगा तथा लोग पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों की बजाय पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को प्राथमिकता देंगे।
विशेषज्ञों की राय के बाद तैयार हुई नीति
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नई ईवी नीति प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि दोपहिया, तिपहिया और छोटे व्यावसायिक वाहनों को विशेष राहत देने का प्रावधान किया गया है।
वहीं गृह एवं ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नीति तैयार करने से पहले देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा की गई, ताकि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए प्रभावी और व्यावहारिक नीति बनाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई ईवी नीति को मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह नीति दिल्ली को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी।



