
राजनांदगांव: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले अतिरिक्त ब्याज लाभ पर अब रोक लगा दी गई है। नाबार्ड की आपत्ति के बाद बैंक प्रबंधन ने इस तरह की एफडी बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। नियमों के उल्लंघन को लेकर बैंक पर एक लाख रुपये की पेनाल्टी भी लगाई गई है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में कर्मचारियों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में एफडी पर एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज की सुविधा दी जा रही थी। यह लाभ केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी दिया जा रहा था। नाबार्ड ने निरीक्षण के दौरान इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे बैंकिंग नियमों के अनुरूप नहीं माना।
नाबार्ड की आपत्ति के बाद शुरू हुई कार्रवाई
नाबार्ड के निर्देश मिलने के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रबंधन ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के नाम से संचालित ऐसी एफडी को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही भविष्य में इस तरह की अतिरिक्त ब्याज सुविधा नहीं देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
बैंक प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि सभी प्रक्रियाएं नियामकीय नियमों के अनुसार की जा रही हैं और बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
लंबे समय से जारी थी अतिरिक्त ब्याज की सुविधा
जानकारी के अनुसार कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलने वाली यह अतिरिक्त ब्याज सुविधा लंबे समय से चली आ रही थी। हालांकि नाबार्ड की आपत्ति के बाद अब इस व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।



