देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अहम निर्णय लिया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए दूसरे शहरों और राज्यों तक आने-जाने में सुविधा देना है। इसके साथ ही बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के लिए ‘एक जिला एक खेल’ योजना के तहत 14 मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और अपनी प्रतिभा निखारने में मदद मिलेगी। मुफ्त बस यात्रा की सुविधा से खिलाड़ियों के आवागमन का खर्च कम होगा, वहीं प्रशिक्षकों की नियुक्ति से खेल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
‘एक जिला एक खेल’ योजना में 14 मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति
कैबिनेट ने प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए 14 मुख्य प्रशिक्षकों की तैनाती को मंजूरी दी है। योजना के तहत प्रत्येक जिले में एक मुख्य प्रशिक्षक और खेल निदेशालय में एक प्रशिक्षक नियुक्त किया जाएगा।
इनकी नियुक्ति भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से निर्धारित योग्यता और अनुभव के मानकों के आधार पर की जाएगी। मुख्य प्रशिक्षकों को 1.45 लाख रुपये का नियत मानदेय दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि अनुभवी प्रशिक्षकों की मदद से खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिलेगा और खेलों में बेहतर प्रदर्शन के अवसर बढ़ेंगे।
उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन का होगा गठन
कैबिनेट ने प्रदेश में साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ इसे सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन के गठन का भी फैसला लिया है। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड और उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड के संयुक्त उपक्रम के रूप में कंपनी गठित की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य राज्य में एडवेंचर टूरिज्म को व्यवस्थित रूप से विकसित करना और पर्यटकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
बैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक, 2026 को स्वीकृति देना शामिल है। इसके अलावा उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई।
वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इसके तहत तीन साल के लिए आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिक रखे जाएंगे। विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ग और घ के कर्मचारियों की सेवा नियमावली को भी मंजूरी दी गई।




