
योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला! होमगार्ड परिवारों को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगा सकती है। बैठक में नई स्टार्टअप नीति, होमगार्डों और उनके आश्रितों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज सुविधा सहित 21 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रस्तावों को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रिसमूह की बैठक भी आयोजित होगी, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर रणनीति पर चर्चा की जा सकती है।
होमगार्डों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश के होमगार्ड और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में करीब 1.18 लाख होमगार्ड कार्यरत हैं, जबकि 41 हजार से अधिक नए होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। योजना लागू होने के बाद लगभग 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
नई स्टार्टअप नीति को मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई स्टार्टअप नीति को भी मंजूरी दिए जाने की संभावना है। नई नीति के तहत स्टार्टअप इकाइयों को सब्सिडी, वित्तीय सहायता और विभिन्न प्रकार की प्रोत्साहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पेंशन और नाम परिवर्तन से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में
बैठक में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके अलावा शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल है।
तीन नए विश्वविद्यालय और मदरसा शिक्षकों को राहत
कैबिनेट के समक्ष प्रदेश के तीन जिलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वहीं, मदरसा शिक्षा परिषद के अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों में कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति से पहले मृत्यु होने की स्थिति में उनके आश्रितों को ग्रेच्युटी भुगतान से संबंधित प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा 1 करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा
प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों के लिए भी बड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता करेगा, जिसके तहत करीब 10 लाख स्थायी और संविदा शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और अन्य कर्मचारी विभिन्न बीमा सुविधाओं के दायरे में आएंगे।
स्थायी कर्मचारियों को मिलेंगे कई बीमा लाभ
10 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले स्थायी कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, एक करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता बीमा और 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। साथ ही किसी अनहोनी की स्थिति में बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए अतिरिक्त बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध होगी।
संविदा कर्मचारियों के लिए भी विशेष सुरक्षा योजना
10 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को 30 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, स्थायी दिव्यांगता पर 30 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 15 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। एयर एक्सीडेंट की स्थिति में भी 30 लाख रुपये तक का बीमा लाभ दिया जाएगा। वहीं, 10 हजार रुपये से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को जीरो बैलेंस खाते और रुपे डेबिट कार्ड के आधार पर एक लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
8 जुलाई को होगा एमओयू कार्यक्रम
इन सुविधाओं को लागू करने के लिए 8 जुलाई को वाराणसी में आयोजित कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड और डीबीटी वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।



