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मोदी कैबिनेट में इसी महीने बड़ा फेरबदल! 24 से ज्यादा मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा, DMK की एंट्री के भी संकेत

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने अपनी सरकार की टीम में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। संगठन में बदलाव के बाद अब केंद्र सरकार में भी जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि दो दर्जन से ज्यादा मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। कुछ मंत्रियों का कामकाज सीमित किया जा सकता है, जबकि कुछ नेताओं को नई या बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कुछ चेहरों की सरकार से संगठन में वापसी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

पीयूष गोयल समेत इन मंत्रियों के विभाग पर नजर

पीयूष गोयल को भाजपा में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन संकेत हैं कि वह केंद्रीय मंत्री बने रह सकते हैं। वाणिज्य मंत्री के तौर पर व्यापार समझौतों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में उतार-चढ़ाव के बीच फिलहाल उनकी मंत्री पद की जिम्मेदारी में बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है।

वहीं धर्मेंद्र प्रधान ने नीट विवाद के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। इसके बावजूद उनके किसी दूसरे मंत्रालय में वापसी की चर्चा है। संसद भवन में उन्हें किरेन रिजिजू के पास कमरा आवंटित किया गया है, जिसे आमतौर पर किसी मंत्री को दिया जाता है।

हरदीप पुरी पर फैसला, कैबिनेट में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की तैयारी?

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजे जाने को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अगर उनका दोबारा नामांकन नहीं होता है तो उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार की कैबिनेट में कोई सिख मंत्री नहीं रहेगा।

इसी बीच मंत्रिमंडल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के संकेत भी मिल रहे हैं। राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर का नाम चर्चा में है। दक्षिण भारत को संगठन में अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व मिलने के बाद केंद्र सरकार में इसकी भरपाई किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल दक्षिण भारत से करीब दस मंत्री हैं, जिनमें तीन कैबिनेट मंत्री और सात राज्य मंत्री शामिल हैं।

सहयोगी दलों की मांग भी फेरबदल में अहम

केंद्र सरकार में शामिल सहयोगी दलों की मांग भी संभावित फेरबदल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से बड़ा मंत्रालय चाहते हैं।

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की ओर से एक और कैबिनेट पद की मांग किए जाने की चर्चा है। उनकी पार्टी के पास 13 लोकसभा सांसद हैं। इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच बातचीत हो चुकी है।

इसके साथ ही शिवसेना और एनसीपी के दोनों धड़ों से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने की ताकीद भी की गई है। तमिलनाडु में द्रमुक को भी केंद्र सरकार में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद द्रमुक को साथ लाने की कोशिशों की कमान संभाल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश से केशव मौर्य या ब्रजेश पाठक में से किसकी दिल्ली में होगी एंट्री?

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण भी संभावित फेरबदल में अहम माने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक में से किसी एक को केंद्र सरकार में लाने की चर्चा है।

अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद केशव प्रसाद मौर्य का नाम विशेष रूप से चर्चा में है। हालांकि ब्रजेश पाठक को भी संभावित विकल्प माना जा रहा है। दोनों में से किसी एक को केंद्र में लाने से उत्तर प्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की जा सकती है।

हिमाचल से जेपी नड्डा और अनुराग ठाकुर के नाम भी चर्चा में

हिमाचल प्रदेश से भाजपा के दो बड़े चेहरे जेपी नड्डा और अनुराग ठाकुर हैं। आगामी चुनावी जरूरत और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अनुराग ठाकुर को लेकर लिया जाने वाला फैसला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावित कैबिनेट फेरबदल में उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से जुड़े इन समीकरणों पर भी पार्टी की नजर रहने की चर्चा है।

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