उत्तराखंड

उत्तराखंड में सत्ता की हैट्रिक के लिए BJP का बड़ा दांव, 70 विधानसभा सीटों पर उतारे चुनावी रणनीतिकार

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी रणनीति को धार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर विस्तारकों को प्रशिक्षित कर मैदान में उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। इन पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के जरिए भाजपा बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती परखेगी और चुनावी माहौल का जमीनी आकलन करेगी। विस्तारक सीधे प्रदेश मुख्यालय को रिपोर्ट करेंगे।

बूथ से विधानसभा तक संगठन की गतिविधियों पर रहेगी नजर

भाजपा के विस्तारक संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी रूप से रहकर काम करेंगे। उनकी जिम्मेदारी बूथ, सेक्टर और मंडल स्तर पर संगठन की सक्रियता का आकलन करना होगा। इसके साथ ही वे स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद कर चुनावी तैयारियों की जानकारी जुटाएंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों और जनता के रुख को समझकर प्रदेश नेतृत्व तक रिपोर्ट पहुंचाना भी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।

क्या है भाजपा का विस्तारक मॉडल?

विस्तारक भाजपा के पूर्णकालिक कार्यकर्ता होते हैं, जिन्हें संगठन के विस्तार और चुनावी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इस व्यवस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े आनुषांगिक संगठनों के युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाती है। विस्तारकों के कामकाज की निगरानी के लिए विस्तारक प्रमुख और सह विस्तारक प्रमुख की व्यवस्था रहती है।

13 और 14 अक्टूबर को प्रशिक्षण दिए जाने के बाद इन कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। चुनाव संपन्न होने तक वे संबंधित क्षेत्रों में रहकर संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों पर काम करेंगे।

विधायकों की छवि से लेकर विपक्ष की रणनीति तक जुटाएंगे जानकारी

विस्तारकों को विधानसभा क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति का विस्तृत ब्योरा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे मौजूदा विधायक की छवि, संभावित प्रत्याशियों, विपक्ष की स्थिति, पार्टी कार्यकर्ताओं के असंतोष और स्थानीय समस्याओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इस फीडबैक के आधार पर प्रदेश संगठन चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों से जुड़े समीकरणों का आकलन कर सकेगा।

इसके अलावा बूथ प्रबंधन को मजबूत करना, प्रचार अभियान में सहयोग देना और प्रदेश नेतृत्व तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी विस्तारकों के काम का हिस्सा होगा।

गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी आजमा चुकी है भाजपा यह रणनीति

भाजपा पहले भी अलग-अलग राज्यों में विस्तारक अभियान के जरिए चुनावी तैयारियों को मजबूत करने का प्रयोग कर चुकी है। वर्ष 2017 में गुजरात के 48 हजार बूथों पर विस्तारक अभियान चलाया गया था। इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 75 जिलों की 92 जिला इकाइयों में विस्तारकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

इन प्रयोगों के जरिए पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन की पहुंच बढ़ाने और चुनावी तैयारियों की निगरानी के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्व दिया।

उत्तराखंड में पहले भी सभी 70 सीटों पर तैनात हुए थे विस्तारक

उत्तराखंड में भाजपा वर्ष 2017 में भी सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में विस्तारकों की तैनाती कर चुकी है। वर्ष 2018 में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विस्तारकों के साथ संवाद किया था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद भी विस्तारकों की बैठक आयोजित की गई थी।

इस बार पार्टी चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया को नए सिरे से व्यवस्थित कर विस्तारकों को चुनाव तक विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रखने की तैयारी कर रही है। बूथ प्रबंधन, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों की जानकारी और संगठनात्मक समन्वय पर केंद्रित इस व्यवस्था के जरिए भाजपा आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।

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