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सोने की बिक्री में भारी गिरावट से कारोबारी परेशान, PM मोदी को लिखा पत्र; ₹10,000 करोड़ के राहत पैकेज की मांग

Mumbai : देश में सोने की घटती मांग ने आभूषण कारोबार से जुड़े व्यापारियों और संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सोने के कारोबार पर मंडरा रहे संकट से निपटने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है। यह पत्र प्रधानमंत्री की ओर से सोने की खरीदारी न करने की अपील के बाद आभूषण कारोबार में पैदा हुई स्थिति को देखते हुए लिखा गया है।

सीटीआई ने चेतावनी दी है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो भारत में सोने की सालाना खपत 800 टन से घटकर 500 टन तक आ सकती है। संगठन ने प्रधानमंत्री के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें छोटे कारीगरों, सुनारों और स्वर्ण कारोबारियों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की मांग शामिल है। साथ ही सोना कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय भी मांगा है, ताकि वे अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रख सकें।

ज्वैलरी कारोबार को बचाने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

सीटीआई ने केंद्र सरकार से आभूषण उद्योग को भारी नुकसान से बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा संकट में छोटे स्तर पर काम करने वाले सुनारों और कारीगरों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

संगठन के मुताबिक, सोने की मांग में कमी का असर केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे सुनारों, कारीगरों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।

पीएम मोदी की अपील के बाद कारोबारियों की बढ़ी चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 10 मई को हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी। इस दौरान उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का आग्रह किया था।

प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद ज्वैलरी कारोबार से जुड़े व्यापारियों और संगठनों ने चिंता जताई थी। उस समय सीटीआई ने कहा था कि प्रधानमंत्री की अपील ऐसे समय आई है, जब देश में शादियों का मौसम है। अगर लोग सोने और आभूषणों की खरीदारी टालते हैं तो इसका सीधा असर बाजार पर पड़ सकता है।

800 टन से घटकर 500 टन रह सकती है सोने की खपत

अब सीटीआई ने सोने की खरीदारी में भारी कमी के अनुमान के आधार पर सरकार से राहत की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि मौजूदा स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो देश में सोने की वार्षिक खपत 800 टन से घटकर करीब 500 टन रह सकती है।

इसी आशंका को देखते हुए सीटीआई ने छोटे कारोबारियों, सुनारों और कारीगरों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है। साथ ही संगठन ने प्रधानमंत्री से कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के लिए समय देने का अनुरोध किया है।

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