दस्तक-विशेष

    प्रेरणा कहीं और से नहीं अपने ही भीतर से आती है

    न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय में हिन्दी भाषा और साहित्य की प्रोफेसर सुषम बेदी जी का नाम प्रवासी-साहित्य लेखन में अपरिचित…

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    कृषकों की व्यथा-कथा कहता उपन्यास ‘कालीचाट’

    उपन्यास ‘कालीचाट’ से गुजरते हुए किसान जीवन की त्रासदी की बड़ी तीखी अनुभूति से हमारा सामना होता है। यह अनुभूति…

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    आपातकाल: एक आपबीती कहानी

    आपातकाल। स्वातंत्र्योत्तर भारतीय इतिहास का संक्रमण काल। एक निरंकुश सत्तालोलुप शासक द्वारा लोकतंत्र पर कुठाराघात और अधिनायकवादी व्यवस्था थोपने का…

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    ‘जीतबो रे’

    कहानी ऊपर केशरिया कुर्ता, नीचे हरी, फटी मटमैली धोती, सिर पर कागज की टोपी पहने स्वतन्त्रदेव जी अवतरित हुए। कहने…

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    बौद्घिक तेज से दमकता था उनका व्यक्तित्व

    -संजय द्विवेदी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री अनिल माधव दवे, देश के उन चुनिंदा राजनेताओं में थे, जिनमें एक बौद्घिक गुरूत्वाकर्षण…

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    मंजिलें उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है

    सजायाप्ता बंदी सुरेश राम को मिला गोल्ड मेडल, इग्नू की डीटीएस परीक्षा में किया टाप वाराणसी। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन…

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    स्वागत है कोई तो बोले, लेकिन दाल में कुछ काला भी तो नही है?

    भारतीय समाज व राजनीति में राजनेता के बाद कोई सबसे अधिक सशक्त व सक्षम इकाई है तो वह है प्रशासनिक…

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    अमेरिका का पेरिस जलवायु समझौते से अलग होना

    _अवधेश कुमार अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने का ऐलान पूरी दुनिया के लिए…

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    किसान आंदोलन : चिंता और चेतावनी

    मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में किसानों के साथ जो भी हुआ वह लोकतंत्र ही नही बल्कि प्रदेश की शिवराज सरकार…

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    नकलविहीन परीक्षा संपन्न करवाकर गोण्डा को एक और तोहफा दे गये आशुतोष निरंजन

    तत्कालीन डीएम गोण्डा की जबर्दस्त मानीटनिंग से नकल माफियाओं के हौसले पस्त हाईस्कूल- इंटर में पिछले वर्श 92 व 96…

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    अखिलेश विरोधियों को बदलना पड़ेगा सियासी चोला

    दस्तक ब्यूरो उत्तर प्रदेश की सियासत में कभी नेताजी मुलायम सिंह यादव धूमकेतु की तरह से थे। उनके बगैर यूपी…

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    इन सवालों से तय होगा अखिलेश और मायावती का भविष्य

    -नवीन जोशी समाजवादी पार्टी के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा बहुजन समाज पार्टी की सर्वेसर्वा मायावती अगले…

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    वन मैन आर्मी जैसा एक योगी

    योगी राज के बदलावों को अगर सियासी चश्मा हटा कर देखा जाये तो काफी कुछ साफ-साफ नजर आने लगता है।…

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    मंत्री जी से अंतरंग बातचीत

    अब जबकि नए मंत्री जी थोड़े से पुराने पड़ गए हैं तो हमने सोचा कि उनसे बात कर हालचाल ले…

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    कैसे मिले हर घर को बिजली

    सामाजिक परिवेश के लिहाज से बिजली की उपलब्धता हर घर की बुनियादी जरूरत हो गयी है। आम आदमी के घर…

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    बस्तर: हिंसा का खत्म न होने वाला सिलसिला

    माओवादी हिंसा में कमी के मुख्यमंत्री रमन सिंह के हाल के दावों के बीच बस्तर के सुकमा में 25 अप्रैल01,…

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    इतिहास की ओर क्यों लौट रहा कश्मीर

    कश्मीर आज पुन: 1989-1990 के युग में पहुंच गया है और इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार सरकार है। यह सरकार…

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    राजपथ पर एक बौद्धिक योद्घा

    -संजय द्विवेदी वे हिंदी पत्रकारिता में राष्ट्रवाद का सबसे प्रखर स्वर हैं। देश के अनेक प्रमुख अखबारों में उनकी पहचान…

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    समान नागरिक संहिता बनाने से पहले भारत की विशिष्टता पहचानिए

    -डॉ़ रहीस सिंह आजकल तीन तलाक (ट्रिपल तलाक) के जरिए समान नागरिक संहिता पर पहुंचने सम्बंधी एक भिन्न माहौल बनता…

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    देवभूमि में राजस्व के लिए शराब बेचना कहां तक उचित

    -गोपाल सिंह उत्तराखंड में एक बार फिर पृथक राज्य आंदोलन की तर्ज पर महिलाओं ने शराब बंदी के लिए कमर…

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    राहुल का उपनिषद व गीता प्रेम : दिल्ली दूर है!

    प्रसन्नता सदा मित्र ही नहीं लाते। कभी कभी विरोधी भी मन प्रसन्न कर देते हैं। राहुल गांधी अपने दल के…

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    भारत का व्यक्तित्व है भगवा

    भारत प्रकाश अभीप्सु राष्ट्रीयता है। प्रकाश हमारी सनातन प्यास है। हमारे प्राणों में गहरी प्यास है प्रकाश की। प्रकृति का…

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    तब मुझे अंग्रेजी का एक अक्षर भी नहीं आता था : आशा खेमका

    उन दिनों आशा 13 साल की थीं। पढ़ाई में खूब मन लगता था उनका। लेकिन एक दिन अचानक उनका स्कूल…

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    नदियों को भी मनुष्य जैसे अधिकार

    -लोकेंद्र सिंह मां गंगा और यमुना के बाद अब नर्मदा नदी को भी मनुष्य के समान अधिकार प्राप्त होंगे। देवी नर्मदा…

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    मध्यवर्गीय जन-जीवन की करुण-गाथा ‘मझधार’

    पुस्तक समीक्षा भारतीय समाज में अनेक विविधता व्याप्त है उन्हीं के बीच मध्यवर्गीय जन-जीवन अपने आपको साबित करने के प्रयास में…

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    मेरे लिए लेखन ब्रह्माण्ड के साथ एकाकार होने का माध्यम है

    साक्षात्कार : सुधा ओम ढींगरा सुधा ओम ढींगरा जी का व्यक्तित्व बहुआयामी है, आप कथाकार, कवयित्री, सम्पादक, रंगकर्मी, समाजसेवी होने के…

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    जंगली घास का फूल: लालमुनि चौबे

    संस्मरण भारत में कोई जगह। दरवाजे पर दस्तक। कोई चौबे जी आए हैं। दरवाजा खोला। दो लोग। एक पुलिस सा…

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    यहाँ सब ठीक है

    कहानी पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के अंचल में नई-नई तरक्की का दौर है, अब वाराणसी से सत्यकाम के…

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