दस्तक-विशेष

    सामाजिक जागरूकता : सख्त कानून की दरकार

    बात करीब चालीस वर्ष पुरानी है। जब मध्य प्रदेश के जिला इंदौर की शाहबानो ने अपने प्रति हुए उत्पीड़न तथा…

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    नहीं, विपक्ष का अंत नहीं होगा

    सन 2019 के चुनाव तक भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता के प्रयासों को लगातार झटके लग रहे हैं। उधर, नरेंद्र…

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    परदे के पार

    जेलों में हर दिन होगी भजन संध्या देश की जेलों के अच्छे दिन आ ही गए। जेलों को लेकर अब…

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    मेरी कलम से…

    उत्तर प्रदेश का पूर्वी भाग इन दिनों बीमारी और बाढ़ से जूझ रहा है। गोरखपुर व फर्रूखाबाद में इनसेफेलाइटिस और…

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    क्यों पनपते हैं बाबाओं के डेरे ?

    कार्ल मार्क्स ने कहा था- धर्म अफीम के समान है . पर कोई व्यक्ति क्यों अफीम का प्रयोग करता है…

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    मोबाइल : जिंदगी बन गए हो तुम

    यह दौर दरअसल मोबाइल क्रांति का समय है। इसने सूचनाओं और संवेदनाओं दोनों को कानों-कान कर दिया है। अब इसके…

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    भारत की संस्कृति का मूल सन्देश- वसुधैव कुटुम्बकम्

    इसी शिक्षा पर बनाया गया ‘भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51’ ही संसार को विनाश से बचाने का एकमात्र उपाय -डॉ. जगदीश…

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    निजता के अधिकार पर ऐतिहासिक फैसला

    अंततः देश की सर्वोच्च अदालत ने निजता (प्रायवेसी) के अधिकार को मौलिक अधिकार मान ही लिया। माननीय उच्चतम न्यायालय की…

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    तीन तलाक : एक कुप्रथा का अंत

    मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का अभूतपूर्व निर्णय -सुरेश हिन्दुस्थानी मुस्लिम समाज में तीन तलाक को लेकर जिस…

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    सावर्जनिक संवाद में गिरावटः सनक में बदलती उत्तेजना

    भारतीय राजनीति और समाज में संवाद के गिरते स्तर और संवाद माध्यमों पर भीड़ के मुखर हो उठने का यह…

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    सरहद की हिफाजत में जिंदगी बनी व्हीलचेयर

    (15 अगस्त : स्वाधीनता दिवस विशेष) -प्रभुनाथ शुक्ल शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों…

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    आखिर क्यों चाहिए नियमों को निर्देशों की बैसाखी ?

    चार व पांच अगस्त की रात्रि को चंडीगढ़ जैसे सुरक्षित समझे जाने वाले शहर में एक आइएएस अधिकारी की पुत्री…

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    वैचारिक संघर्ष नहीं, केरल में है लाल आतंक

    राजेश के शरीर पर 83 घाव बताते हैं कि केरल में किस तरह हावी है लाल आतंक केरल पूरी तरह से…

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    उत्कृष्ट जीवन मूल्य ही नहीं, मनुष्य की स्वाभाविक प्यास भी है स्वतंत्रता

    सजग होकर ही उड़ना हमेशा होता है आनंददायी  मनुष्य स्वेच्छा से जन्म नहीं लेता। मनुष्य का जन्म तमाम ज्ञात और…

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    पटेल जीते, लेकिन कांग्रेस हार गई!

    -सुरेश हिन्दुस्थानी देश में लगातार सिमटते जा रहे सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस की स्थिति एक डूबता हुआ जहाज की…

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    असहिष्णुता की बहस के बीच केरल की राजनीतिक हत्याएं

    केरल में आए दिन हो रही राजनीतिक हत्याओं से एक सवाल उठना लाजिमी है कि भारत जैसे प्रजातांत्रिक देश में…

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    पत्रकारिता में भी ‘राष्ट्र सबसे पहले’ जरूरी

    मौजूदा दौर में समाचार माध्यमों की वैचारिक धाराएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। देश के इतिहास में यह पहली बार…

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    कौन होगा नया भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष!

    अब तक जो भी नाम सामने आए उनमें श्याम जाजू ही सबसे मुफीद भाजपा में एक बार फिर से राष्ट्रीय…

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    नाईक की मुस्कान में बच्चों जैसा उल्लास

    ज्ञान प्राप्ति कठिन नहीं लेकिन जाने हुए को कर्म में लागू करना श्रम साध्य है। प्रकृति का अणु परमाणु गतिशील…

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    यह भूल मत जाना कि ‘दलित’ हो तुम

    यों तो कांग्रेस द्वारा शुरू की गयी कई योजनाओ को भाजपा भी ज्यों का त्यों या थोड़े परिवर्तन के साथ…

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    चट तलाक –पट ब्याह

    अबकी बार तो मुझे पक्का भरोसा है , निशा मौसी का नाम जरूर गिनीज बुक में दर्ज होगा . शाम…

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    ओलम्पिक में रेलवे खिलाड़ियों को मेडल जिताने का सपना

    -डीएन वर्मा होनहार बिरवान के होत चिकने पात- कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही दिखाई पड़ जाते…

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    गोपी पूरा कर रहे हैं डॉ. अखिलेश दास का सपना

    डॉ. अखिलेश दास के आकस्मिक निधन के बाद पूरा बैडमिंटन जगत सदमे में था। दरअसल बैडमिंटन को बड़े स्तर पर…

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    अथाह सागर और हम!

    एक नौका विस्तृत सागर में यूँ स्वयं को लहरों के हवाले कर देती है जैसे कोई अपने किसी परम मित्र…

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    ‘रेस्क्यू-ऑपरेशन’

    -सुबह बिस्तर छोड़ते के उपरान्त, अमूमन जैसी कि दिनचर्या है, दैनन्दिन की क्रिया-प्रक्रिया से पहले मेरी आदत है, कम-अज-कम दो…

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    आपातकाल : आगे की कथा

    आपातकाल। स्वातंत्र्योत्तर भारतीय इतिहास का संक्रमण काल। एक निरंकुश सत्तालोलुप शासक द्वारा लोकतंत्र पर कुठाराघात और अधिनायकवादी व्यवस्था थोपने का…

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    प्रवासी ही नहीं पराया साहित्यकार की भी संज्ञा देते हैं…

    परदेस में राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में जुटे सरन घई जी के व्यक्तित्व को यदि हम सामान्य रूप से निरखें-परखें…

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    5800 वर्ग किमी क्षेत्रफल के आइसबर्ग के दक्षिणी ध्रुव से टूटने से बढ़ा खतरा

    दो वर्ष पूर्व प्रो. भरतराज सिंह ने अपनी पुस्तक में जताई थी इसकी आशंका यदि पूरी पिघल गयी चट्टान की…

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