स्तम्भ
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दिसम्बर में क्यों नहीं याद आते हैं बिस्मिल, अशफाक और राजेंद्र नाथ
बेगूसराय: दिसम्बर आते ही लोग सब कुछ भूलकर नव वर्ष की पूर्व संध्या और प्रथम प्रभात के स्वागत में लग…
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उच्च शिक्षा स्वभाषाओं में ?
डॉ. वेदप्रताप वैदिक: शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने आज घोषणा की है कि उनका मंत्रालय उच्च शिक्षा में…
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फूलों से हासिल करें कुदरती खूबसूरती
शहनाज हुसैन: फूलों की पंखुड़ियां महिलाओं की सुन्दरता में चार चांद लगाती रही हैं। भारत में सदियों से फूलों की…
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनायेगे यूपी में फिल्म सिटी : सियाराम पांडेय ‘शांत
सियाराम पांडेय ‘शांत’: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय फिल्म सिटी बनाने की घोषणा क्या की, महाराष्ट्र की…
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कितनी कामयाब होगी कोरोना वैक्सीन
रंजना मिश्रा: किसी भी बड़ी बीमारी की वैक्सीन के रिसर्च, ट्रायल और लोगों तक उसे पहुंचने में 10 वर्ष या…
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कृषि कानून-2020 : सियासत-आशंका-उम्मीदों का भंवरजाल
ज्ञानेंद्र शुक्ला नई दिल्ली : कृषि प्रधान देश भारत में खेत-किसान-फसल अहम रहे हैं। आबादी का बड़ा हिस्सा कृषि से…
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एड्स पीड़ितों के प्रति बेरुखी क्यों?
विश्व एड्स दिवस (01 दिसम्बर) पर विशेष योगेश कुमार गोयल : ‘एड्स’ विश्व भर में आज भी एक भयावह शब्द…
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उपचार के बिना एड्स रोगियों के ठीक होने से वैज्ञानिक हैरान
प्रमोद भार्गव : इतिहास में पहली बार देखने में आया है कि एचआईवी एड्स पीड़ित मरीज बिना किसी उपचार के…
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क्यों भारत का आईटी सेक्टर कृतज्ञ रहेगा फकीरचंद कोहली का
आर.के. सिन्हा : आज भारत को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया में सबसे खास माना जाता है और भारत…
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की छात्रों व किसान हितों की बात
सियाराम पांडेय ‘शांत’: ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खास बातें करते हैं। वे देश को निरंतर आगे बढ़ने…
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सोम से ओम की यात्रा है ‘रूद्र शिव’ : हृदयनारायण दीक्षित
हृदयनारायण दीक्षित हम भारतवासी बहुदेव उपासक हैं। लेकिन बहुदेववादी नहीं। बहुदेव उपासना हमारा स्वभाव है। शिव एशिया के बड़े भाग…
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शाहीन बाग सरीखा पंजाब का किसान आंदोलन
राकेश सैन पिछले साल नागरिकता संशोधन अधिनियम (सी.ए.ए.) को लेकर हुए शाहीन बाग आंदोलन और केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि…
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नरक के भय से मुक्ति दिलाती है नरक चतुर्दशी, यम की होती है पूजा
स्तम्भ (श्वेता गोयल) : दीवाली के पांच महापर्वों की श्रृंखला में दूसरा पर्व है ‘नरक चतुर्दशी’, जो कार्तिक कृष्ण पक्ष…
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सभी कलाएं समाज में उदात्त भाव विकसित करने का संधान
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : कला अश्लील नहीं हो सकती। सभी कलाएँ समाज में उदात्त भाव विकसित करने का संधान हैं।…
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मतदाता के लिए सुविधाजनक होती है विचार आधारित राजनीति
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : भारतीय राजनीति लोकमंगल का उपकरण है। सभी दल अपनी विचारधारा को देशहित का साधन बताते हैं।…
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ईश्वर भी प्रकृति में अवतरित होने के लिए माता पर ही निर्भर
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : प्रकृति दिव्यता है, सदा से है। देवी है। मनुष्य की सारी क्षमताएँ प्रकृति प्रदत् है। जीवन…
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हिंदी पत्रकारिता : विचारों की सिकुड़ती जगह, राष्ट्रीयता का अभाव
-प्रो.संजय द्विवेदी स्तम्भ : हिंदी पत्रकारिता की गर्भनाल आजादी के आंदोलन से जुड़ी है तो इसका नेतृत्व हिंदी साहित्य के…
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उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव : भाजपा की 8 सीटों पर जीत तय
नौंवी सीट के लिए बीजेपी को विपक्ष में बिखराव का सहारा संजय सक्सेना लखनऊ : चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश…
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वेबसीरीज जैसे माध्यमों से सभ्य और अश्लील का समाप्त हो रहा फर्क
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : कोरोना महामारी से विश्व सामाजिक व्यवस्था में उथल-पुथल है। भारत भी अछूता नहीं है। यहां की…
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कहानियों का द्वीप है बस्तर : प्रो. द्विवेदी
नई दिल्ली : ”बस्तर हमेशा कहानियों का द्वीप रहा है। यहां के लोक जीवन के किस्से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध…
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अग्रसेन महाविद्यालय में डिजिटल मीडिया पर हुआ वेबिनार
प्रो. संजय द्विवेदी शुरू कीजिए डिजिटल सत्याग्रह : प्रो. द्विवेदी सोशल मीडिया में सुरक्षा आपके हाथ ही : विवेक अग्रवाल…
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पृथ्वी में अन्न प्रतिष्ठित और अन्न में पृथ्वी, पूर्वजों ने की प्राण की तरह अन्न की प्रशंसा
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : प्राण से जीवन है। प्राण नहीं तो जीवन नहीं। शरीर में प्राण के संचरण से ही…
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प्रकाश का पर्याय, सहस्त्रों किरणों वाला सूर्य संसार का प्राण है
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : प्राण से जीवन है। प्राण से प्राणी है। प्राण दिखाई नहीं पड़ते। इसके बावजूद प्राण का…
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पत्रकारिता में शुचिता, नैतिकता और आदर्श के हामी थे पंडित दीनदयाल जी
(पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती विशेष – 25 सितम्बर) लोकेन्द्र सिंह स्तम्भ : पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजनीतिज्ञ, चिंतक और विचारक के…
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शब्द स्वयं में सार्वजनिक सम्पदा
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : विश्व की सभी सभ्यताओं में पुस्तकों का आदर किया जाता है। पुस्तकों में वर्णित जानकारियाॅं लेखक…
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ब्राह्मण होने के लिए आंतरिक ऊर्जा को बनाना होता है उर्ध्वगामी
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : क्या ब्राह्मण जाति हैं? पहले वे समूहवाची वर्ण-वर्ग थे। साहित्य में ज्यादा यथार्थ में नगण्य। फिर…
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पुनर्जन्म के विश्वासी भी करते हैं लोक परलोक की बातें
हृदयनारायण दीक्षित स्तम्भ : लोक की व्याप्ति बड़ी है। सामान्यतया प्रत्यक्ष विश्व को लोक कहते हैं। लेकिन भारतीय परंपरा में…
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