फर्जी वीडियो पर सीएम भगवंत मान का तीखा हमला, बोले- धर्म के नाम पर सियासत करने वालों को जनता सिखाएगी सबक

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने नाम से वायरल किए जा रहे कथित फर्जी वीडियो और श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े विवाद को लेकर विरोधियों पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें धर्म की आड़ लेकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जनता और संगत सच्चाई को भली-भांति समझती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार विधानसभा का विशेष सत्र आनंदपुर साहिब में आयोजित किया गया और गुरु चरणों में नतमस्तक होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने इसे सरकार की धार्मिक आस्था और सम्मान का प्रतीक बताया।
पवित्र शहरों को मिला विशेष दर्जा
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने आनंदपुर साहिब, श्री ननकाना साहिब और श्री अमृतसर साहिब जैसे धार्मिक महत्व वाले शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देने का निर्णय लिया। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले किसी भी सरकार ने ऐसा कदम नहीं उठाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी की घटनाओं को लेकर भी सरकार ने सख्त कानून बनाया है। उनके मुताबिक पहले कानून कमजोर होने के कारण कई मामलों में आरोपित आसानी से जमानत पा जाते थे या कानूनी प्रक्रिया से बच निकलते थे, लेकिन अब स्थिति बदली है।
‘यह सेवा का अवसर, कोई उपलब्धि नहीं’
भगवंत मान ने कहा कि नए कानून को लेकर लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने बताया कि कई लोग उनसे मिलकर कहते हैं कि इस फैसले से उन्हें मानसिक शांति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसे अपनी उपलब्धि नहीं मानते, बल्कि गुरु साहिब की सेवा का अवसर समझते हैं।
फर्जी वीडियो बनाने वालों की होगी पहचान
मुख्यमंत्री ने अपने नाम से वायरल किए जा रहे कथित वीडियो पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनका उस वीडियो से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी वीडियो के आधार पर उन्हें पंथ विरोधी साबित करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस महानिदेशक को जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो तैयार करने, इसकी शूटिंग कराने और इसे प्रसारित करने वाले सभी लोगों की पहचान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे यह वीडियो दुनिया के किसी भी हिस्से में तैयार किया गया हो, सच्चाई सामने आनी चाहिए।
‘संगत सर्वोपरि, जनता का फैसला अंतिम’
भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी को मानने वाली संगत सर्वोच्च है और उनका सिर हमेशा संगत के सामने झुकता है। उन्होंने कहा कि सभी निर्णय जनता और संगत की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिए जाने चाहिए।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग पहले धार्मिक संस्थाओं और उनसे जुड़े विवादों को लेकर सवालों के घेरे में रहे हैं, वही आज धर्म के मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सरकार विकास और जनसेवा पर केंद्रित
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य सभी धर्मों का सम्मान और लोगों की सेवा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में सड़क, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में लगातार काम हो रहा है, जिससे लोगों का भरोसा सरकार पर मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी दल चाहे कितनी भी राजनीतिक ताकतें एकजुट कर लें, अंततः जनता का फैसला ही सर्वोपरि होता है। उन्होंने लोगों से धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों से सतर्क रहने की अपील की।



