उत्तर प्रदेशराज्य

ICU में भर्ती राम मंदिर ट्रस्ट प्रमुख से मिले CM योगी, मेदांता पहुंचकर लिया हेल्थ अपडेट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और मणिरामदास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती महंत से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा से उन्हें जल्द पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो। महंत नृत्य गोपाल दास इन दिनों मेदांता अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में उपचाराधीन हैं।

29 जून को अचेत अवस्था में अस्पताल लाए गए थे

जानकारी के अनुसार, 29 जून को महंत नृत्य गोपाल दास को अचेत अवस्था में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान उन्हें सांस लेने में तकलीफ और मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) की पुष्टि हुई थी।

फिलहाल उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती रखा गया है, जहां क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. दिलीप और उनकी टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के मुताबिक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।

जनवरी में भी बिगड़ी थी तबीयत

यह पहला मौका नहीं है जब महंत नृत्य गोपाल दास को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया हो। इससे पहले इसी वर्ष जनवरी में भी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया था।

उस दौरान भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अस्पताल पहुंचे थे और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेकर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। उपचार के बाद वह स्वस्थ होकर अस्पताल से वापस लौट आए थे।

राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं महंत नृत्य गोपाल दास

महंत नृत्य गोपाल दास को राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख संतों में गिना जाता है। उन्होंने आंदोलन के शुरुआती दौर से ही सक्रिय भूमिका निभाई और अपना जीवन राम मंदिर निर्माण के उद्देश्य के लिए समर्पित किया।

वर्ष 1986 में वह राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के उपाध्यक्ष बने थे और बाद में राम जन्मभूमि न्यास का नेतृत्व भी संभाला। वर्तमान में वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

रामलला के भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक मंदिर से जुड़े सभी प्रमुख आयोजनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के चलते उन्हें पहले भी कई बार उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है।

12 साल की उम्र में पहुंचे थे अयोध्या, फिर यहीं के होकर रह गए

महंत नृत्य गोपाल दास महज 12 वर्ष की आयु में मथुरा से अयोध्या पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने अयोध्या को ही अपना स्थायी निवास बना लिया। यहां वह महंत राम मनोहर दास के शिष्य बने और धार्मिक शिक्षा-दीक्षा प्राप्त की।

उन्होंने वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री की उपाधि हासिल की। वर्ष 1965 में उन्हें श्री मणिराम दास छावनी (छोटी छावनी) का महंत बनाया गया, जिसके बाद से वह धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

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