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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मीराबाई चानू ने जीता लगातार तीसरा स्वर्ण, दो रजत के साथ चौथे दिन भारत का दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली: ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत की। दिन का सबसे यादगार प्रदर्शन भारोत्तोलन में देखने को मिला, जहां भारत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए। इन सफलताओं के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या चार पहुंच गई। हालांकि तैराकी, लॉन बॉल्स और आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक में भारतीय खिलाड़ियों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण

ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार तीसरा राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीत लिया। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम शामिल रहा। शुरुआती प्रयासों में असफल रहने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए बड़े अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रतियोगिता के कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।

ऋषिकांता सिंह ने चोट के बावजूद जीता रजत

पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग में ऋषिकांता सिंह ने घुटने की चोट के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता के रिकॉर्ड की बराबरी की। कुल 264 किलोग्राम वजन के साथ उन्होंने रजत पदक हासिल किया। हालांकि क्लीन एंड जर्क के अंतिम दो प्रयास सफल नहीं रहे, जिससे वह स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए।

आर. मुथुपांडी ने भी दिलाया रजत पदक

भारोत्तोलन में भारत की सफलता को आगे बढ़ाते हुए आर. मुथुपांडी ने भी रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम सहित कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया। चौथे दिन भारत को मिले तीनों पदक भारोत्तोलन से आए, जिसने इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों की निरंतर मजबूती को एक बार फिर साबित किया।

मुक्केबाजी में मिले-जुले रहे नतीजे

पुरुष 65 किलोग्राम वर्ग में आदित्य प्रताप यादव को युगांडा के मुक्केबाज के खिलाफ कड़े मुकाबले में 2-3 के फैसले से हार का सामना करना पड़ा। वहीं पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग में जादूमणि सिंह ने पाकिस्तान के सुमामा रेहमान को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। महिला 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति ने मालावी की डेबोराह मतेंजे को हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया और पदक की उम्मीद बरकरार रखी।

तैराकी में फाइनल तक पहुंची भारतीय टीम, पदक से चूकी

भारतीय पुरुष 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम ने फाइनल तक का सफर तय कर पदक की उम्मीद जगाई थी। हालांकि फाइनल में टीम छठे स्थान पर रही और पदक हासिल नहीं कर सकी। इस स्पर्धा का स्वर्ण ऑस्ट्रेलिया ने जीता, जबकि इंग्लैंड और वेल्स ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।

अन्य स्पर्धाओं में नहीं मिली सफलता

लॉन बॉल्स की महिला युगल टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकी। पुरुष एकल वर्ग में पुतुल सोनोवाल की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीद भी समाप्त हो गई। आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक के ऑल-अराउंड फाइनल में तपन मोहंती 15वें स्थान पर रहे और पदक से दूर रह गए। वहीं महिला व्हीलचेयर 3×3 बास्केटबॉल में भारतीय टीम को स्कॉटलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

भारोत्तोलन और मुक्केबाजी से बढ़ीं भारत की उम्मीदें

चौथे दिन के प्रदर्शन ने संकेत दिया है कि भारोत्तोलन और मुक्केबाजी में भारत की चुनौती लगातार मजबूत बनी हुई है। आने वाले दिनों में एथलेटिक्स और अन्य पदक स्पर्धाओं की शुरुआत के साथ भारतीय दल से पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद और प्रबल हो गई है।

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